45 साल बाद सरकार ने कहा जमीन उसकी है, अब उजड़ रहे हैं शालीमार गांव के घर
वेब पोर्टल 'आर्टिकल 14' की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी दिल्ली के ऐतिहासिक शालीमार गांव में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत 150 से अधिक मकानों और दुकानों को ढहाने की कार्रवाई शुरू हो गई है. प्रशासन का दावा है कि इस जमीन का अधिग्रहण 1980 में ही किया जा चुका था. दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद प्रभावित निवासियों ने सरकार की 'पीएम-उदय' योजना, लाल डोरा प्रमाणपत्र और दशकों पुराने बिजली-पानी कनेक्शनों पर सवाल उठाए हैं. विकास, विस्थापन और ₹3 लाख के मुआवजे के अंतर्विरोधों पर पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट.

