नवल शुक्ल | तीजन बाई अंत तक अपने ही लोगों के बीच रहीं. इतना सम्मान और प्रसिद्धि मिलने के बाद भी उनकी सहजता कभी नहीं बदली.
'हरकारा डीप डाइव' की रिपोर्ट. निधीश त्यागी और लोककला विशेषज्ञ नवल शुक्ल के बीच पंडवानी की महान कलाकार पद्मविभूषण तीजन बाई के जीवन और सांस्कृतिक विरासत पर विशेष चर्चा; रायपुर एम्स में निधन के बाद लोककला के एक बड़े युग का अंत.

