पंजाब का ड्रग सर्वे सच बताएगा या सरकार को राहत देने वाले आंकड़े?
पंजाब सरकार द्वारा राज्य में नशे की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए शुरू किया गया पहला व्यापक ड्रग और सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण विवादों में घिर गया है. सर्वेक्षण में शामिल 28 हजार सरकारी कर्मचारियों और विशेषज्ञों का कहना है कि सामाजिक प्रतिष्ठा के डर से लोग नशे से जुड़े सवालों पर सच्चाई छिपा रहे हैं. इसके अलावा, सर्वे ऐप में सरकारी योजनाओं के लाभ और मुफ्त बिजली जैसे गैर-जरूरी राजनीतिक सवालों को शामिल किए जाने पर विपक्ष ने इसे सामाजिक अध्ययन के बजाय एक राजनीतिक जनमत सर्वेक्षण (पॉलिटिकल फीडबैक) करार दिया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

