विद्या कृष्णन | मोदी कॉकरोच को मारने के लिए तोप का इस्तेमाल कर रहे हैं
खोजी पत्रकार विद्या कृष्णन के इस विशेष वैचारिक आलेख में कॉलेज छात्रों द्वारा बनाए गए सोशल मीडिया व्यंग्यात्मक मंच 'कॉकरोच जनता पार्टी' के खिलाफ हुई सरकारी कार्रवाई की तार्किक समीक्षा की गई है. लेखिका ने बताया है कि कैसे मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी से उपजे इस डिजिटल आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय मीडिया में जगह मिलने के बाद ब्लॉक कर दिया गया. इसके साथ ही, नीट पेपर लीक घोटालों, छात्रों की आत्महत्याओं पर सत्ता की कथित उदासीनता, नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग स्वेंडसन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेस स्वतंत्रता पर पूछे गए सवाल और देश के मौजूदा सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में लोकतंत्र के 'सुरक्षा वाल्व' (व्यंग्य) को दबाने के राजनीतिक नतीजों पर पढ़ें यह पूरा विश्लेषण.

