“लग रहा है कि घर में बेघर हो गए हम”: मतदान के लिए व्हीलचेयर तैयार रखी थी, लेकिन सूची से नाम ही हटा दिया
परवेज़ ने आँखों में आँसू भरकर कहा, “लग रहा है कि घर में बेघर हो गए हम. मतदान का दिन एक उत्सव होता है—लोकतंत्र का उत्सव. हम एक परिवार के रूप में इसमें भाग लेते थे. इस बार हम सिर्फ गवाह हैं. और कुछ नहीं कर सकते हम. यह दर्द देता है.”

