परकला प्रभाकर: ‘हर राजनीतिक दल का भाजपाकरण हो जाएगा’
चुनावों के पीछे की प्रक्रिया और 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. जाने-माने राजनीतिक विश्लेषक और एसआईआर के प्रखर आलोचक परकला प्रभाकर का मानना है कि ये चुनाव केवल हार-जीत का आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे में बदलाव का संकेत हैं.
डेटा से पता चलता है कि ‘एसआईआर’ ने बंगाल जीतने में भाजपा की मदद की
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से 150 सीटों पर, एसआईआर के दौरान कुल हटाए गए नाम जीत के अंतर से अधिक थे, और भाजपा ने इनमें से 99 सीटें जीतीं. 2021 में, उसने इनमें से केवल 19 सीटें जीती थीं.कड़े मुकाबले वाले क्षेत्रों में चुनावी नतीजे अक्सर बहुत मामूली अंतर से तय होते हैं, जहाँ हर एक वोट कीमती होता है.

