आकार पटेल | ध्रुवीकरण की राजनीति
अगर आप एक सामान्य नागरिक हैं, तो आपके पास समर्थन करने और वोट देने के लिए अनेक पार्टियाँ हैं. डीएमके, एडीएमके, टीडीपी, एनसीपी, पीडीपी, टीएमसी, आईएनसी, जेडी(एस) और जेडी(यू) हैं, एनसीपी, टीआरएस, नई टीवीके, सीपीएम, सीपीआई और भी बहुत-सी पार्टियाँ हैं. अलग-अलग एजेंडे वाली पार्टियों की कोई कमी नहीं है.
‘मेड इन इंडिया’ संकट: बंगाल चुनाव में ‘एसआईआर’ ने महानगरों में बढ़ाई घरेलू सहायकों की किल्लत
पश्चिम बंगाल में आज मंगलवार (29 अप्रैल 2026) को दूसरे चरण की 142 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले गए. इसके पहले 23 अप्रैल को पहले दौर में 152 सीटों के लिए मतदान हुआ था. लेकिन, इस बार राज्य के चुनाव के दौरान एक सवाल पैदा हुआ कि क्या यह हाल के समय में शहरी भारतीय घरों पर आया सबसे बड़ा संकट है? या यह केवल उन परेशान घर-मालिकों को ऐसा महसूस हो रहा है, जिन्हें अब समझ आ रहा है कि वे सहायकों की उस विशाल फौज पर कितने निर्भर हैं जो उनके घरों और शहरों की रफ्तार बनाए रखते हैं, और जो अचानक गायब हो गए हैं?

