बंगाल की 96 सीटों पर नज़र: इनमें से 48 में मतदान गिरा और एसआईआर के तहत 28% नाम हटाए गए
पश्चिम बंगाल चुनाव दो प्रमुख कारणों से चर्चा में रहे: पहला, 'तार्किक विसंगतियों' का एक नया मानदंड जिसके तहत मतदाता सूची से 27.16 लाख नाम हटा दिए गए, और दूसरा, 92.95% का रिकॉर्ड मतदान, जिसमें 2021 की तुलना में 31 लाख अधिक वोट पड़े.
ममता का गढ़ बनाम भाजपा का बड़ा दांव: क्या ‘एसआईआर’ पलटेगा संतुलन?
‘पीपल्स पल्स रिसर्च ऑर्गनाइजेशन’ द्वारा जमीनी स्थिति के सूक्ष्म अध्ययन से पता चलता है कि राजनीतिक माहौल मौजूदा सत्ताधारी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पक्ष में है.“साउथ फर्स्ट” में जी मुरली कृष्णा के अनुसार, प्रतियोगिता की रूपरेखा ही एक ‘असंतुलन’ को प्रकट करती है. जहाँ टीएमसी सभी 294 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ रही है, वहीं मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी केवल 200 के आसपास सीटों पर चुनाव लड़ रही है. प्रभावी रूप से, यदि टीएमसी पूरे 100 अंकों की परीक्षा दे रही है, तो भाजपा केवल लगभग 65 अंकों की परीक्षा दे रही है.

