बंगाल चुनाव में आलू का भी दर्द; भाजपा को क्यों दिख रही है उम्मीद
पश्चिम बंगाल के हुगली और बर्धमान जिलों में, जो राज्य की आलू अर्थव्यवस्था का केंद्र हैं, किसानों के बीच गहरी हताशा और अनिश्चितता का माहौल है. जिस आलू ने कभी इन क्षेत्रों को समृद्धि दी थी, वही आज बंपर पैदावार के कारण किसानों के लिए 'श्राप' बन गया है. कोलकाता से लगभग 130 किलोमीटर दूर, भतार विधानसभा सीट के छोर पर, आलू किसान एक चाय की दुकान पर बैठकर अपने अस्तित्व के संघर्ष पर चर्चा कर रहे थे. उन्हें उन एसयूवी की कोई परवाह नहीं थी जो हाईवे पर तेज़ी से गुज़र रही थीं—जिनमें से कुछ पर्यटकों को बीरभूम ले जा रही थीं और कुछ चुनाव आयोग के अधिकारियों को बंगाल में ड्यूटी पर.

