जापान की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी बुलेट ट्रेन की समय-सीमा

जापान के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजना की प्रगति की गति जापान की शुरुआती उम्मीदों के "अनुरूप नहीं रही है". भारत की इस पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को जापान द्वारा वित्तीय और तकनीकी रूप से सहायता प्रदान की जा रही है.

‘द हिंदू’ से विशेष बातचीत करते हुए अधिकारी ने कहा कि जापान यह घोषणा करने की स्थिति में नहीं है कि यह परियोजना कब पूरी होगी, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि देरी के बावजूद अब यह परियोजना निरंतर प्रगति कर रही है.

मुंबई-अहमदाबाद रेल परियोजना के संबंध में जापानी अधिकारी ने कहा, "मुझे यह स्वीकार करना होगा कि इसकी समय-सीमा हमारी मूल रूप से परिकल्पित उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है." वर्षों के व्यवहार्यता अध्ययन और बहुस्तरीय समीक्षाओं के बाद, इस परियोजना की शुरुआत 14 सितंबर, 2017 को हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अहमदाबाद में इसकी आधारशिला रखी थी.

परियोजना के पूरा होने की कोई ठोस समय-सीमा दिए बिना अधिकारी ने कहा, "हमें उम्मीद है कि कुछ वर्षों में भारत में हाई-स्पीड ट्रेनें चलने लगेंगी."

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