पुलिस की बर्बरता पर भाजपा के भीतर भी चिंताएं: केंद्रीय नेतृत्व ने ‘हल्के में’ लेकर भारी चूक की, यह आग और फैल सकती है
20 जुलाई को संसद मार्च के लिए निकले प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ पुलिस की बर्बर कार्रवाई ने भाजपा के भीतर भी चिंताएं पैदा की हैं. ये चिंताएं हर तरफ हैं, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा से लेकर सुदूर अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और देहरादून तक. महाराष्ट्र के अहिल्यानगर (पुराना नाम अहमदनगर) जिले के एक भाजपा नेता की तो कथित पोस्ट वायरल हो रही है. जिसमें उनके दुखी होकर पार्टी छोड़ने की बात कही गई है. कथित वायरल पोस्ट में कहा गया है कि ‘मेरी पार्टी ने 2014 में जिस भारत का वादा किया था, वह यह नहीं था. मैं किस मुंह से अपने भतीजे और भतीजी के सामने जा सकता हूँ? मन बहुत व्यथित है.
अनंत गुप्ता की रिपोर्ट कहती है कि सोमवार को, जब कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के लिए दिल्ली में हजारों लोग एकत्र हुए, तो मध्य प्रदेश में भी छात्रों ने उनके समर्थन में छोटे-छोटे प्रदर्शन आयोजित किए.
राज्य के भारतीय जनता पार्टी के एक नेता ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि यह इस बात का सबूत है कि मेडिकल कॉलेजों की सीटों के लिए आयोजित राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के कुप्रबंधन को लेकर युवाओं का गुस्सा "वास्तविक" है और यह उनके राज्य तक पहुंच चुका है. हालांकि उनके जिले में हुए प्रदर्शनों में ज्यादातर वामपंथी छात्र-कार्यकर्ता ही शामिल हुए थे, फिर भी उन्हें डर था कि यह आग और फैल सकती है.
राष्ट्रीय राजधानी में स्थिति से निपटने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के तरीके का आकलन करते हुए, उन्होंने अत्यधिक बल प्रयोग के लिए दिल्ली पुलिस को जिम्मेदार ठहराया. "हाँ, युवा पूरे कनॉट प्लेस (दिल्ली के केंद्र) में फैले हुए थे, लेकिन वे कोई अपराध नहीं कर रहे थे," उन्होंने कहा. "पुलिस ने उन्हें क्यों पीटा?"
सेंट्रल दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई के एक दिन बाद, देश भर के कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीके के दूरगामी परिणामों को लेकर चिंतित हैं.
हरियाणा के एक पार्टी कार्यकर्ता ने, जिसने खुलकर बात करने के लिए नाम गोपनीय रखने का अनुरोध किया, शिकायत की कि केंद्रीय नेतृत्व ने कॉकरोच जनता पार्टी के अभियान पर अपनी प्रतिक्रिया देने में भारी चूक की. 34 वर्षीय कार्यकर्ता ने टिप्पणी की, "उन्होंने इसे बहुत हल्के में लिया."

