मणिपुर में फिर जातीय हिंसा: दो कुकी महिलाओं की हत्या, केज़ेडसी का शव न दफनाने का फैसला

मणिपुर में जारी जातीय हिंसा के बीच 15 सितंबर, 2026 को नागा-बहुल तामेंगलोंग जिले के लेइसांगफई गांव में अज्ञात बंदूकधारियों ने दो कुकी महिलाओं—78 वर्षीय फालनेईचोंग सितलहौ और 28 वर्षीय नर्स किमजालहिंग सिंगसन—की गोली मारकर हत्या कर दी.

इससे पहले 13 सितंबर को तामेंगलोंग और नोने जिलों में दो महिलाओं समेत चार कुकी नागरिकों की हत्या हुई थी, जबकि 27 अगस्त को कांगपोकपी जिले में चार नागा नागरिकों की जान गई थी.

कुकी-ज़ो काउंसिल का कड़ा विरोध : घटना की निंदा करते हुए कुकी-ज़ो काउंसिल (केज़ेडसी) ने इसे कुकी-ज़ो समुदाय को बस्तियों से खदेड़ने और आतंकित करने का सुनियोजित सिलसिला बताया. कुकी-ज़ो काउंसिल ने कहा कि कुकी-ज़ो नागरिकों की लगातार हो रही हत्याओं ने एक "अस्वीकार्य और खतरनाक रूप" ले लिया है और अब इन्हें अलग-अलग घटनाओं के रूप में खारिज नहीं किया जा सकता है. काउंसिल ने इस हिंसा में नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (इसक-मुइवा) [एनएससीएन (आई-एम)] और ज़ेडयूएफ (के) जैसे नागा सशस्त्र समूहों की संलिप्तता का आरोप लगाया है. केज़ेडसी ने केंद्र व राज्य सरकार से नागरिकों की सुरक्षा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

‘द हिंदू ब्यूरो’ के अनुसार, विरोध स्वरूप केज़ेडसी ने निर्देश जारी किया है कि नागा सशस्त्र समूहों द्वारा मारे गए कुकी-ज़ो पीड़ितों को अगले आदेश तक दफनाया नहीं जाएगा और उनके पार्थिव शरीरों को कोल्ड स्टोरेज में रखा जाएगा. इस घटना की निंदा करते हुए, साइकुल की विधायक किमनेओ हांगशिंग ने कहा कि एनएससीएन (आई-एम) और ज़ेडयूएफ (के) के सशस्त्र कैडरों की कथित संलिप्तता, "यदि जांच के माध्यम से स्थापित होती है, तो यह निर्दोष नागरिक जीवन पर एक गंभीर और जघन्य हमला है." मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह की शांति की अपीलों के बावजूद क्षेत्र में तनाव बरकरार है.

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