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डबल इंजन सरकार में ‘जर्जर विकसित भारत’, इंदौर से गांधीनगर तक एक जैसी बदहाली | श्रवण गर्ग #harkara

हरकारा : ढंग की बातचीत तसल्ली से बढ़ाने का बिरला अड्डा

भारत में पिछले 11 सालों से “गुजरात मॉडल” और “स्मार्ट सिटी” को विकास की मिसाल बताया जा रहा है, लेकिन ज़मीनी हक़ीक़त क्या है?

इस विस्तृत बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग साहब इंदौर और गांधीनगर के उदाहरणों के ज़रिए विकास के दावों की परत-दर-परत पोल खोलते हैं. इस वीडियो में जानिए:
इंदौर में दूषित पानी से 23 लोगों की मौत कैसे हुई
3500 से ज़्यादा लोग अस्पताल क्यों पहुँचे
“भारत का सबसे साफ शहर” असल में कितना सुरक्षित है
गुजरात में 50% से कम घरों को ही गुणवत्तापूर्ण नल का पानी क्यों
स्मार्ट सिटी, स्वच्छता सर्वे और इवेंट मैनेजमेंट का सच
प्रधानमंत्री, सरकार और संस्थाओं से जवाबदेही क्यों नहीं पूछी जाती

यह सिर्फ इंदौर या गांधीनगर की कहानी नहीं है , यह पूरे देश के “जर्जर विकास मॉडल” का रूपक है.

सवाल पूछना अपराध क्यों बन गया है? क्या चमकती सड़कें ही विकास हैं, जब ज़मीन के नीचे सब सड़ रहा हो? वीडियो देखें, समझें और ज़रूरी सवाल पूछें. और चैनल को सब्सक्राइब करें, वीडियो को शेयर करें, कमेंट में अपनी राय ज़रूर लिखें.

अपील :

आज के लिए इतना ही. हमें बताइये अपनी प्रतिक्रिया, सुझाव, टिप्पणी. मिलेंगे हरकारा के अगले अंक के साथ. हरकारा सब्सटैक पर तो है ही, आप यहाँ भी पा सकते हैं ‘हरकारा’...शोर कम, रोशनी ज्यादा. व्हाट्सएप पर, लिंक्डइन पर, इंस्टा पर, फेसबुक पर, यूट्यूब पर, स्पोटीफाई पर , ट्विटर / एक्स और ब्लू स्काई पर.


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