चुनाव आयोग: तीन दिन में नौ फ़ैसले, क्या यह ग़लती का इक़बाल है? | श्रवण गर्ग #harkara

23 सितंबर को इंडियन एक्सप्रेस की खोजी रिपोर्ट छपी. रिपोर्ट के मुताबिक़ चुनाव आयोग के तीन में से दो आयुक्त महीनों से असहमति दर्ज करा रहे थे. इसके तीन दिन के भीतर आयोग की बैठक हुई, सफ़ाई आई और नौ फ़ैसले लिए गए. इनमें बैठकों के एजेंडा और मिनट्स अनिवार्य करना, ईसीनेट तक ज़मीनी अफ़सरों की पहुँच और गोवा के 97 मतदाताओं की बहाली शामिल हैं. वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग कहते हैं कि ये बदलाव ख़ुद एक स्वीकारोक्ति हैं. उनका सवाल है कि बंगाल के 16 लाख मतदाताओं के ख़िलाफ़ अपील, फ़ॉर्म 6 में बदलाव और केंद्रीकृत ईसीनेट पर आयोग अब भी चुप क्यों है. बातचीत का दूसरा हिस्सा परिदृश्य-निर्माण है. इसमें कई सवाल ऐसे हैं जिन्हें गर्ग ख़ुद अटकल और कल्पना कहते हैं. फिर भी ये सवाल इसलिए उठते हैं क्योंकि सरकार और संस्थाएँ पारदर्शी नहीं हैं. harkaraonline.com harkara.substack.com शोर कम, रोशनी ज़्यादा.

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