हरकारा डीप डाइव के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी ने पत्रकार, लेखक और शोधकर्ता कुणाल पुरोहित से हिंदुत्व पॉप, नफरत फैलाने वाले गीतों और डिजिटल मंचों की भूमिका पर विस्तार से बातचीत की. कुणाल पुरोहित ने अपनी हालिया रिसर्च के आधार पर बताया कि किस तरह सोशल मीडिया और संगीत मंचों पर ऐसे सैकड़ों गीत मौजूद हैं जो मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ घृणा, अपमानजनक भाषा और हिंसा को बढ़ावा देते हैं. चर्चा में यह भी सामने आया कि इन गीतों को करोड़ों बार देखा और सुना जा चुका है, जबकि लाखों छोटी वीडियो के माध्यम से इन्हें लगातार नए दर्शकों तक पहुंचाया जा रहा है. क्या नफरत अब एक लाभदायक कारोबार बन चुकी है? क्या बड़े डिजिटल मंच ऐसे कंटेंट को रोकने के बजाय उसे बढ़ावा दे रहे हैं? क्या कॉरपोरेट विज्ञापनदाता अनजाने में या जानबूझकर इस पूरी व्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं? और युवाओं पर इसका क्या असर पड़ रहा है? इन्हीं सवालों पर केंद्रित इस महत्वपूर्ण बातचीत में नफरत के एल्गोरिदम, राजनीति, कारोबार, मीडिया और जवाबदेही के संकट पर गंभीर चर्चा की गई है.

एच-पॉप: हिंदुत्व पॉप सितारों की गुप्त दुनिया:

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