भोजन की थाली अब और महंगी, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में करीब ₹1,000 की भारी बढ़ोतरी

भोजन की थाली अब और महंगी हो जाएगी. तेल कंपनियों ने शुक्रवार को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में करीब 1,000 रुपये की भारी वृद्धि की. यह लगातार तीसरा महीना है, जब कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. होटलों और रेस्तरां में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाला 19 किलोग्राम का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर ₹993 की रिकॉर्ड वृद्धि के साथ महंगा हो गया है. अलग-अलग शहरों में इसके दामों में हजार रुपये तक इजाफ़ा हुआ है. मसलन, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब इसकी कीमत ₹3,071.50 हो गई है, जो पहले ₹2,078.50 थी.

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ में प्रियांशु प्रिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह अब तक की सबसे बड़ी एकल वृद्धि है. इसके पहले 1 अप्रैल को प्रति सिलेंडर ₹195.50 और 1 मार्च को ₹114.50 की बढ़ोतरी की गई थी. इसके साथ ही, पिछले तीन महीनों में कुल कीमतों में ₹1,303 की वृद्धि हो चुकी है. हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में 7 मार्च 2026 के बाद कोई कोई बदलाव नहीं किया गया है. घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमत  आखिरी बार 7  मार्च को प्रति सिलेंडर 60 रुपये बढ़ाई गई थी.

राहुल गांधी ने कहा, यह ‘चुनावी बिल’; अगली स्ट्राइक पेट्रोल-डीज़ल पर

कांग्रेस ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई वृद्धि को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है. राहुल गांधी ने इसे "चुनावी बिल" करार देते हुए कहा कि अगली "स्ट्राइक" पेट्रोल और डीजल पर होगी. लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि चुनाव के बाद महंगाई की मार पड़ेगी.

‘द हिंदू’ में ‘पीटीआई’ के मुताबिक राहुल गांधी ने 'एक्स' पर हिंदी में पोस्ट करते हुए कहा: "कह दिया था- चुनाव के बाद महंगाई की गर्मी आएगी. आज कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹993 महंगा हो गया. यह एक दिन में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है. यह 'चुनावी बिल' है. फरवरी से अब तक: ₹1,380 की बढ़ोतरी, यानी महज तीन महीनों में 81% का उछाल. चाय की दुकानें, ढाबे, होटल, बेकरी, मिठाई की दुकानें - हर रसोई पर बोझ बढ़ गया है. इसका सीधा असर आपकी थाली पर भी पड़ेगा." 

कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने भी 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "जैसे ही चुनावी चक्र समाप्त हुआ, मोदी सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें बढ़ाने में ज़रा भी वक्त नहीं गंवाया." उन्होंने कहा: कमर्शियल सिलेंडरों पर करीब ₹1,000 की भारी बढ़ोतरी उन करोड़ों भारतीयों को प्रभावित करेगी जो पेट भरने के लिए छोटे भोजनालयों पर निर्भर हैं. इसी तरह, करोड़ों छोटे खाद्य व्यवसायों को इस बढ़ोतरी का बोझ उठाना पड़ेगा. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि भाजपा के लिए आम भारतीयों की पीड़ा का महत्व केवल चुनावी हथकंडों तक सीमित है, जिसके बाद उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है.

उन्होंने यह कहा कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद के तीन महीनों में सरकार को वित्तीय बोझ जनता पर डालने के बजाय, आम भारतीयों को कीमतों के झटके से बचाने के लिए एक ठोस योजना तैयार करनी चाहिए थी.

जब तेल सस्ता था, तब मुनाफा जेब में भरा

इससे पहले मंगलवार (28 अप्रैल, 2026) को राहुल गांधी ने आगाह किया था कि 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए जाएंगे. उन्होंने सरकार पर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कम कीमतों से मुनाफाखोरी करने का आरोप लगाया था और कहा था कि अब जब कीमतें बढ़ रही हैं, तो सरकार जनता पर बोझ डाल रही है.

उन्होंने कहा था: "चुनावी राहत खत्म, महंगाई की आँच आने वाली है! 29 अप्रैल के बाद सावधान रहें - पेट्रोल, डीजल, सब महंगा होगा. जब तेल सस्ता था, तब मोदी सरकार ने मुनाफा जेब में भरा. अब जब यह महंगा है, तो वह इसका बोझ आप पर डाल देगी. एक ऐसी सरकार जो सस्ता होने पर लूटती है - जनता को महंगाई की मार झेलने के लिए छोड़ देती है."

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