सिर्फ दो सांसदों का भाषण और 15 मिनट से भी कम समय में ‘वंदे मातरम’ पर विधेयक पारित

लोकसभा ने 30 जुलाई 2026 को सिर्फ 15 मिनट के भीतर राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को ध्वनि मत से पारित कर दिया. और विधेयक पर बहस में भी केवल दो सदस्यों ने अपनी बात रखी.

‘द वायर’ के अनुसार, यह कानून 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971' में संशोधन करता है. इसके तहत राष्ट्रगान की तर्ज पर 'वंदे मातरम' के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या रोकने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है. बार-बार अपराध करने पर न्यूनतम 1 साल की कैद होगी.

विपक्ष की ओर से डीएमके की कनिमोझी ने विधेयक का विरोध करते हुए इसे राष्ट्रवाद के आवरण में "हिंदुत्व एजेंडा" और संघवाद के खिलाफ बताया. उन्होंने तर्क दिया कि जबरन 6 पद अनिवार्य करना देश का ध्रुवीकरण करता है और उन राज्यों का अपमान है जिनके अपने राज्य गीत हैं.

सत्ता पक्ष से संबित पात्रा ने कहा कि यह कानून राष्ट्रीय गीत को सम्मान और कानूनी सुरक्षा देता है. गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के सपनों और स्वामी विवेकानंद की भविष्यवाणी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूरा करने का संकल्प बताया. 

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