अयोध्या के राम मंदिर के बाद मुंबई के सिद्धिविनायक में हर साल 18 करोड़ की चोरी: फडणवीस ने दिए जांच के आदेश

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में भी कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा सुर्खियां बटोर रहा है. उत्तरप्रदेश की तरह महाराष्ट्र में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, लिहाजा पार्टी को विपक्ष के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है.

दरअसल, पिछले दिनों महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने सिद्धिविनायक मंदिर में दान (चढ़ावा) की चोरी का आरोप लगाते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को भेजे गए एक पत्र का हवाला दिया था. ठाकरे का कहना था, "शिंदे को लिखे गए एक पत्र में दावा किया गया है कि मंदिर से हर साल 18 करोड़ रुपये चुराए जा रहे हैं." मनसे प्रमुख ने जो पत्र पढ़कर सुनाया, वह मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा शिंदे को लिखा गया था. उन्होंने सवाल किया, "क्या यही हमारा धर्म है और क्या यही हमारे मंदिर हैं?"

ठाकरे ने कहा, "जब इस देश का हताश युवा मंदिरों में जाता है, तो उसे अहसास होता है कि मंदिरों में भी चोरी हो रही है. राम मंदिर में चोरी का प्राथमिक अनुमान 1,400 करोड़ रुपये का है और सरकार का एक भी प्रतिनिधि इस पर एक शब्द बोलने को तैयार नहीं है. क्या प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी), जो अकेले पूजा करने गए थे, उन्हें इस पर नहीं बोलना चाहिए? इस देश के युवाओं का सांप्रदायिकीकरण न करें. उन्हें नौकरियां दें. 'जय श्री राम' के नारे लगाने से समस्या हल नहीं होगी." बहरहाल, ‘पीटीआई’ के अनुसार, अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कथित गड़बड़ी की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं. एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि उन्होंने अधिकारियों को पिछले पांच वर्षों के मंदिर रिकॉर्ड की जांच करने का निर्देश दिया है. इस मामले में नौ कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई है और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी स्वतंत्र जांच की मांग की है.

अधिकारियों के अनुसार, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा फडणवीस से मुलाकात करने और 2023-2026 के बीच के संग्रह (चढ़ावे) का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने के बाद मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट मांगी है.

पिछले महीने, शिंदे ने भी एक स्वतंत्र जांच की मांग की थी और अधिकारियों को यह प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था.

यहां यह उल्लेखनीय है कि ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद केदारनाथ मंदिर से 228 किलोग्राम सोना चोरी होने का आरोप लगा चुके हैं. बद्रीनाथ धाम में भी चोरी और वित्तीय गड़बड़ियों का मामला सामने आ चुका है. इसकी जांच की जा रही है. कुछ कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. उत्तराखंड पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के हवाले से बताया है कि एक कर्मचारी को सौ-पांच सौ रुपये के नोटों के बंडलों को चुराते और छुपाते देखा जा सकता है. 

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