‘ज्ञानेश अंकल अभी रिज़ाइन मत करो’: सीजेपी की ‘जंतर-मंतर 2.0’ की चेतावनी से सोशल मीडिया पर ‘प्रोटेस्ट सीजन 2’ का क्रेज
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर दूसरे दौर के प्रदर्शन के ऐलान के बाद युवा प्रदर्शनकारियों के लिए पुरानी यादें फिर से ताजा हो गई हैं. सोशल मीडिया पर मीम्स और वायरल रील्स की बाढ़ आ गई है, जहां लोग ‘सीजन 2’ की तैयारियों की बातें कर रहे हैं.
सीजेपी की चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए एक मीम में कहा गया, "आग लगाने वाले प्रदर्शन वाली फील वापस आ रही है." वहीं एक अन्य मीम में सीधे कुमार को संबोधित करते हुए लिखा गया: “ज्ञानेश अंकल अभी रिज़ाइन मत करो, प्रोटेस्ट का माहौल बना दो यार.”
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को कुमार को इस्तीफा देने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया और चेतावनी दी कि यदि वे पद से नहीं हटते हैं तो "जंतर-मंतर 2.0 निश्चित रूप से होगा." इस संगठन ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं का आरोप लगाया है और कुमार के इस्तीफे के साथ-साथ इस प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक मीम में शाहरुख खान के नाटकीय अंदाज में भागने का सीन है, जिसका कैप्शन है: “मैं जंतर-मंतर के रास्ते में, क्योंकि मुझसे सीजन 1 छूट गया था."
सीजेपी ने भी इनमें से कई पोस्टों पर प्रतिक्रिया दी और कमेंट किया. एक पोस्ट के जवाब में लिखा गया: "तैयारी कर लो कॉकरोच." सीजेपी ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर जुलाई के प्रदर्शन के फुटेज के साथ एक वीडियो शेयर किया, जिसका कैप्शन था: "यह उस समय के नाम, जब हम भारत को वापस संवारने के लिए एक साथ आए थे."
इंटरनेट का एक बड़ा वर्ग चुनावी प्रक्रिया की तकनीकी बारीकियों से ज्यादा इस बात में दिलचस्पी लेता दिख रहा है कि प्रदर्शन का ‘अगला भाग’ (सीक्वल) आ रहा है.
प्रदर्शनकारियों की तस्वीरों के साथ एक अन्य यूजर ने लिखा, "फाइनली फीड वापस आ गई है." किसी अन्य ने एक मीम शेयर किया कि वह पढ़ाई में 'अकादमिक कमबैक' करने ही वाला था कि उसने 'जंतर-मंतर 2.0' के बारे में सुन लिया — क्योंकि अब परीक्षा की तैयारी को भी राष्ट्रीय आंदोलन से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है.
इससे पहले जब तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हफ्तों चले प्रदर्शनों के बाद इस्तीफा दिया था, तब सोशल मीडिया पर रील्स और मीम्स के जरिए अफसोस जताया गया था कि मांगें पूरी होने के बाद अब जंतर-मंतर के प्रदर्शन वाले वीडियो मिस किए जाएंगे.
‘द टेलीग्राफ वेब डेस्क’ के अनुसार, जंतर-मंतर का मैदान राजनीतिक प्रदर्शनों के साथ-साथ इंटरनेट ह्यूमर और राजनीतिक टिप्पणियों का भी एक बड़ा केंद्र बन गया था. अब 'सीजन 2' की आहट ने सोशल मीडिया के उस जाने-पहचाने दौर को फिर से जीवंत कर दिया है, जहां लोग पुरानी तस्वीरें, बॉलीवुड रिएक्शन इमेज और सड़कों पर उतरने के लिए अपनी पढ़ाई छोड़ने जैसे चुटकुले शेयर कर रहे हैं.
अदालतें छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा करेंगी
उधर पटना में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्य कांत ने शनिवार को कहा कि न्यायपालिका छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के मौलिक अधिकार की "रक्षा" के लिए प्रतिबद्ध है और जब भी इस अधिकार का उल्लंघन होगा, अदालतें आंखें नहीं मूंदेंगी.

