मणिपुर: 2023 की हिंसा के बाद 300 से अधिक लोगों की मौत, 49 लापता
‘स्क्रोल’ के मुताबिक, मणिपुर में मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद अब तक कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 49 लोग लापता हैं. पीटीआई ने गुरुवार को विधानसभा में सरकार के हवाले से यह जानकारी दी.
राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने सदन में पूछे गए एक सवाल के जवाब में 31 अगस्त तक के आंकड़े पेश किए. उन्होंने कहा कि जातीय संघर्ष के कारण राज्य में बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ है और सामान्य जनजीवन बाधित हुआ है.
जातीय झड़पें पहली बार मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो-हमार समुदायों के बीच हुई थीं.
फरवरी 2025 से फरवरी 2026 तक राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू रहा. भारतीय जनता पार्टी के नेता एन बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद यह व्यवस्था लागू की गई थी. कुकी-जोमी-हमार समूहों ने हिंसा से निपटने के उनके तरीके पर पक्षपातपूर्ण होने और बहुसंख्यकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगाए थे.
युमनाम खेमचंद सिंह ने इस साल 4 फरवरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
उन्होंने गुरुवार को विधानसभा को बताया कि हिंसा के दौरान 60,000 लोग विस्थापित हुए थे. द टेलीग्राफ के अनुसार, उन्होंने इसे “अभूतपूर्व संकट” बताया. इनमें से 36,000 आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों का पुनर्वास किया जा चुका है, जबकि 24,000 लोग मणिपुर के अलग-अलग हिस्सों में बने राहत शिविरों में रह रहे हैं.

