यूरोपीय प्रेस पुरस्कार 2026: गाज़ा में बच्चों को निशाना बनाने वाली डच रिपोर्ट को मिला सर्वोच्च सम्मान

डच अखबार द वोल्क्सक्रांट की वह खोजी रिपोर्ट जिसमें गाज़ा में बच्चों को जानबूझकर गोली मारे जाने के 114 मामले दर्ज किए गए हैं, यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता पुरस्कारों में से एक यूरोपीय प्रेस पुरस्कार 2026  से सम्मानित की गई है. यह पुरस्कार 8 जून 2026 को घोषित किया गया.

द वोल्क्सक्रांट के पत्रकारों माउड एफ्टिंग और विलेम फीन्स्ट्रा की इस रिपोर्ट का शीर्षक है. 'व्हॉट द वून्ड्स टेल' यानी घाव क्या बता रहे हैं. रिपोर्ट में 15 साल से कम उम्र के 114 ऐसे बच्चों के मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें से हर एक के सिर या सीने में एक-एक गोली लगी थी. इनमें से ज़्यादातर की मौत हो गई या वे गंभीर रूप से अपंग हो गए. एफ्टिंग और फीन्स्ट्रा ने अपनी रिपोर्ट में लिखा "शरीर के इन हिस्सों में एक गोली इस बात का स्पष्ट संकेत है कि इन बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाया गया."

पुरस्कार देते हुए यूरोपीय प्रेस पुरस्कार समिति ने कहा "यह असाधारण परिस्थितियों में की गई असाधारण पत्रकारिता है. गाज़ा तक स्वतंत्र पहुंच लगभग असंभव बना दी गई है. इसके बावजूद एफ्टिंग और फीन्स्ट्रा ने गाज़ा के अस्पतालों में काम कर चुके अंतरराष्ट्रीय चिकित्साकर्मियों के बयानों और दस्तावेज़ों के आधार पर एक कठोर, तथ्यात्मक जांच खड़ी की."

रिपोर्टरों ने अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नीदरलैंड के 17 डॉक्टरों और एक नर्स से बात की जो अक्टूबर 2023 के बाद गाज़ा के छह अस्पतालों और चार क्लिनिकों में काम कर चुके थे. इनमें से कई सूडान, अफगानिस्तान और यूक्रेन जैसे संघर्ष-क्षेत्रों में काम करने का लंबा अनुभव रखते थे. इनमें से 15 ने बताया कि उन्होंने 15 साल या उससे कम उम्र के ऐसे बच्चों का इलाज किया जिनके सिर या सीने में एक-एक गोली थी. ये मामले 2023 के अंत से 2025 के मध्य तक 10 अलग-अलग चिकित्सा केंद्रों में दर्ज किए गए.

रिपोर्टरों ने जानबूझकर 15 साल से कम उम्र के बच्चों पर ध्यान केंद्रित किया — जिनमें से कई की उम्र 3, 4 या 7 साल थी. क्योंकि इस आयु-वर्ग को बिना किसी संदेह के नाबालिग माना जा सकता है.

अमेरिकी आघात शल्य-चिकित्सक फ़रोज़ सिद्धवा ने मार्च 2024 में गाज़ा के यूरोपीय अस्पताल में अपने पहले दिन का ज़िक्र करते हुए बताया कि 48 घंटों के भीतर 10 साल से कम उम्र के चार लड़के एक जैसी सिर की गोली के साथ भर्ती हुए. उन्होंने द वोल्क्सक्रांट से कहा "यह कैसे संभव है कि इस छोटे से अस्पताल में 48 घंटों के भीतर चार बच्चे आए जिन्हें सिर में गोली मारी गई?" अगले 13 दिनों में उन्होंने ऐसे नौ और बच्चे देखे.

अखबार द्वारा परामर्श किए गए न्यायालयिक विशेषज्ञों ने कहा कि घावों का यह एकरूप स्वरूप दूरस्थ निशानेबाज़ या ड्रोन से दागी गई सटीक गोलियों की ओर इशारा करता है. डॉक्टरों ने भी स्पष्ट किया कि ऐसी चोटें किसी दुर्घटना का परिणाम नहीं हो सकतीं.

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