श्रवण गर्ग | उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के रिश्ते 2027 के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं
‘हरकारा डीप डाइव’ के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी एवं वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने ‘इंडिया गठबंधन’ की बैठक, राहुल गांधी के नेतृत्व और विपक्षी दलों के बीच उभरते राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा की. चुनाव आयोग से जुड़े विवादों के बीच हुई इस बैठक के राजनीतिक मायनों को समझने के लिए बातचीत में नेताओं की मौजूदगी और गैरमौजूदगी, कांग्रेस-सपा संबंधों तथा उत्तर प्रदेश के 2027 के विधानसभा चुनाव पर संभावित प्रभावों का विश्लेषण किया गया.
श्रवण गर्ग के अनुसार, बैठक का एक प्रमुख संदेश राहुल गांधी के नेतृत्व को समर्थन देना था. उन्होंने इसे राहुल गांधी के लिए राजनीतिक समर्थन के रूप में देखा. उनके मुताबिक, बैठक में शामिल नेताओं ने उनके नेतृत्व के प्रति भरोसा जताया, जबकि कुछ प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति ने गठबंधन के भीतर मतभेदों को भी उजागर किया.
गर्ग ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना. उनका कहना था कि उत्तर भारत में समाजवादी पार्टी ‘इंडिया गठबंधन’ की प्रमुख ताकतों में से एक है. ऐसे में अखिलेश यादव का बैठक में शामिल न होना केवल एक अनुपस्थिति नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा सकता है. उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संबंधों तथा 2027 के विधानसभा चुनाव के संभावित समीकरणों से जोड़कर देखा.
बातचीत में ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले, उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन की भागीदारी पर भी चर्चा हुई. गर्ग के मुताबिक, बैठक में कौन उपस्थित रहा, किसने ऑनलाइन हिस्सा लिया और कौन अनुपस्थित रहा—इन सभी पहलुओं से विपक्षी दलों के आपसी संबंधों के संकेत मिलते हैं. उन्होंने कहा कि बैठक के राजनीतिक अर्थ समझने के लिए केवल भाषणों और प्रस्तावों पर नहीं, बल्कि इन संकेतों पर भी ध्यान देना चाहिए.
गर्ग ने बैठक को चुनाव आयोग से जुड़े सवालों के साथ-साथ केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के रूप में भी देखा. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की ओर से चुनावी प्रक्रिया तथा कथित वोट चोरी को लेकर उठाए गए सवालों के संदर्भ में उन्होंने विपक्ष की आंदोलन रणनीति और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों पर कार्रवाई की मांग का उल्लेख किया.
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर चर्चा करते हुए गर्ग ने संभावना जताई कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को समाजवादी पार्टी से अलग चुनाव लड़ना पड़ सकता है. यह उनका राजनीतिक आकलन था. कुल मिलाकर, उनके विश्लेषण में बैठक ने राहुल गांधी के नेतृत्व को समर्थन देने के संकेतों के साथ-साथ विपक्षी एकता की सीमाओं और गठबंधन के भीतर मौजूद मतभेदों को भी सामने रखा.
पूरी बातचीत हरकारा रोज़ाना के यूट्यूब चैनल पर सुन सकते हैं.

