एयर इंडिया का समेकित घाटा दोगुना होकर 22,238 करोड़ रुपये हुआ
मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में एयर इंडिया का समेकित घाटा बढ़कर 22,238.23 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष 10,858.83 करोड़ रुपये था. कुल आय भी 78,635.61 करोड़ रुपये से घटकर 71,869.94 करोड़ रुपये रह गई. इन आंकड़ों में एयर इंडिया एक्सप्रेस भी शामिल है.
कंपनी घाटे के पीछे जून 2025 में हुए घातक AI171 हादसे (260 मौते), भू-राजनीतिक तनाव, एयरस्पेस बंदी और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मुख्य वजह मान रही है.
‘पीटीआई’ के अनुसार, समेकित व्यय बढ़कर 93,733.31 करोड़ रुपये और विदेशी मुद्रा घाटा 7,388.23 करोड़ रुपये रहा. हालांकि ईंधन खर्च घटकर 26,871.80 करोड़ रुपये हुआ. AI171 हादसे के कारण असाधारण मदों में 429.05 करोड़ रुपये दर्ज हुए. कंपनी के अनुसार, विमान नुकसान और देनदारियां बीमा पॉलिसियों से कवर हैं, जिससे रिजर्व पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा.
एयर इंडिया का स्टैंडअलोन घाटा 3,975.75 करोड़ से बढ़कर 15,367.75 करोड़ रुपये और कुल आय घटकर 53,662.15 करोड़ रुपये रह गई. टाटा व सिंगापुर एयरलाइंस के संयुक्त स्वामित्व वाली इस कंपनी के घाटे और विस्तार मर्जर के कारण सिंगापुर एयरलाइंस का शुद्ध लाभ 57% घटकर 1.184 अरब एसजीडी (लगभग 8,900 करोड़ रुपये) रह गया.

