मणिपुर: 24 घंटे में पांच कुकी युवकों की हत्या, तनाव बढ़ा

संघर्ष से जूझ रहे मणिपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान कुकी जनजाति के पांच युवकों की हत्या की खबरें सामने आने के बाद तनाव काफी बढ़ गया है.

सुमीर कर्माकर की रिपोर्ट के अनुसार, 28 अक्टूबर से लापता दो कुकी युवकों के शव सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने एनएच-2 (राष्ट्रीय राजमार्ग-2) के पास एक इलाके से बरामद किए. यह इलाका नागा-बहुल सेनापति जिले को जोड़ता है. ये दोनों पीड़ित सेनापति के ताफौ कुकी गांव से लापता हो गए थे. नान्गपोई (नोनी) - जो कि एक अन्य नागा-बहुल जिला है - में तीन कुकी लोगों के मारे जाने के एक दिन बाद ये शव बरामद किए गए. इन दोनों युवकों की पहचान 21 वर्षीय थांगगिनलुन कॉन्ग्लोई और 20 वर्षीय पाओगिनलाल हांगसिंग के रूप में हुई है.

उनके ठिकाने के बारे में जानकारी की मांग को लेकर कुकी संगठन 'कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी' द्वारा बुलाए गए आम बंद के बीच ये शव बरामद किए गए. रविवार को भी यह बंद जारी रहा.

कुकी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली उपमुख्यमंत्री नेमचा किपजेन और नागा समुदाय से आने वाले लोसी दिखो—दोनों ने इन हत्याओं की कड़ी निंदा की है. हालांकि पुलिस ने हत्याओं के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम का खुलासा नहीं किया है, लेकिन कुकी संगठनों ने नागा सशस्त्र समूह 'एनएससीएन-आईएम' का हाथ होने का आरोप लगाया है, जो 1997 से संघर्ष विराम समझौते के दायरे में है.

ये पाँचों मौतें ऐसे समय में सामने आई हैं जब मैतेई और नागा संगठनों ने कुकी सशस्त्र समूहों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर इंफाल के साथ-साथ नागा-बहुल जिलों में बड़े पैमाने पर रैलियां आयोजित कर अपना आंदोलन तेज कर दिया है. नागा-कुकी संघर्ष के और अधिक बढ़ने की आशंका के बीच नागा और कुकी बहुल इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. इस साल फरवरी से अब तक इस संघर्ष में 60 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.

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