तृणमूल के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों ने स्पीकर से कहा- हम एनडीए में शामिल होना चाहते हैं
तृणमूल के बागी सांसदों ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर बैठक की
सीनियर पार्टी नेता काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के 28 में से 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा है कि वे भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) का हिस्सा बनना चाहते हैं. साथ ही उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल संसदीय दल से संबंध तोड़ने की बात कही है.
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में रविक भट्टाचार्य ने बताया है कि यह निर्णय केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के दिल्ली स्थित आवास पर हुई एक बैठक के दौरान लिया गया. दिल्ली में मौजूद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी मंत्री के घर पर बागी सांसदों से मुलाकात की.
बर्धमान पूर्व से तृणमूल सांसद और बागियों में से एक शर्मिला सरकार ने मीडिया से कहा, "हमने एक बैठक की है. हम अलग बैठना चाहते हैं. मैं दीदी का सम्मान करती हूँ. मैं काम करना चाहती थी, लेकिन कर नहीं पा रही थी. काकोली दी के नेतृत्व में यह अलग गुट बनाया गया है. इससे बंगाल के विकास में मदद मिलेगी."
दिलचस्प यह है कि जब दिल्ली में तृणमूल की बगावत परवान चढ़ रही थी, तब टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी भी विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ की बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे थे.
‘द हिंदू’ में शिव सहाय सिंह की रिपोर्ट कहती है कि टीएमसी के हावड़ा से सांसद प्रसून बनर्जी, बांकुड़ा के सांसद अनूप चक्रवर्ती, कूचबिहार के सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, बोलपुर लोकसभा सांसद असित कुमार माल, बीरभूम की सांसद शताब्दी रॉय, झाड़ग्राम के सांसद कालीपद सोरेन और बर्धमान पूर्व की सांसद शर्मिला सरकार — बैठक करते हुए दिखाई दिए.
बैठक में मौजूद सूत्रों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के 20 लोकसभा सांसद वहाँ उपस्थित थे. बारासात की लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार इस गुट के नेता के रूप में उभर रही हैं. डॉ. दस्तीदार, जिन्हें हाल ही में लोकसभा में तृणमूल के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के पद से हटाया गया था, के भाजपा के साथ संबंध मधुर होने लगे हैं.
बागी लोकसभा सांसदों की यह बैठक 'कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया' में चल रहे उस जमावड़े से कुछ ही दूरी पर हुई, जहाँ तृणमूल अध्यक्ष ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में भाग ले रहे थे. यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के 80 में से लगभग 60 विधायकों के खुले तौर पर बगावत करने और ऋतब्रत बनर्जी को नया नेता प्रतिपक्ष चुनने के करीब एक सप्ताह बाद आया है. ऋतब्रत ने दिल्ली में तेजी से बदलते इन घटनाक्रमों का स्वागत किया. इस बीच, कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर और ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी फिरहाद हकीम ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में ऋतब्रत से मुलाकात की.

