बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा में 3 की मौत; भीड़ ने कोलकाता में टीएमसी के दफ़्तर को बुलडोज़र से गिराया

‘द टेलीग्राफ’ में अभिजीत चटर्जी और शुभाशीष चौधुरी की रिपोर्ट है कि सोमवार को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के कुछ ही घंटों के भीतर पूरे बंगाल में भड़की चुनावी हिंसा में कम से कम तीन राजनीतिक कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर हत्या कर दी गई और कई अन्य घायल हो गए. यह हिंसा भाजपा नेतृत्व द्वारा तनावपूर्ण माहौल में शांति बनाए रखने की बार-बार की गई अपीलों के बावजूद हुई. कोलकाता के न्यू मार्केट में मंगलवार रात भीड़ ने टीएमसी के पार्टी ऑफिस को बुलडोजर से गिरा दिया. उपद्रवियों ने आसपास की दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया. टीएमसी ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा- भाजपा द्वारा वादा किया गया "पोरिबोर्तन" (परिवर्तन) बुलडोजर पर सवार होकर आया है. भाजपा की प्रचंड जीत ने जमीनी स्तर पर एक 'चेन रिएक्शन' शुरू कर दिया है. उत्साहित भाजपा समर्थकों की तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ झड़प हुई, प्रतिद्वंद्वियों पर हमले किए गए, तृणमूल कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई, नगर निकायों के परिसरों में ताले लगा दिए गए और कई मामलों में क्षेत्रीय वर्चस्व दिखाने के लिए भाजपा के झंडे फहराए गए.

हावड़ा के उदयनारायणपुर के पास देबीपुर में, सोमवार रात भाजपा कार्यकर्ता जादव बार (45) की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. स्थानीय भाजपा नेताओं का दावा है कि बार को विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी सक्रिय भूमिका के लिए निशाना बनाया गया. उत्तर 24-परगना के न्यू टाउन में, भाजपा कार्यकर्ता मधु मोंडल की उनके प्रतिद्वंद्वी द्वारा कथित रूप से हत्या कर दी गई. बीरभूम के नानूर में मंगलवार को कथित भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा एक तृणमूल समर्थक आबीर शेख की हत्या कर दी गई. भांगड़ में भी हिंसा भड़क उठी, जहाँ नौशाद सिद्दीकी की जीत के बाद इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के कार्यकर्ताओं द्वारा तृणमूल समर्थकों के घरों में कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई. बहरामपुर के चुआनपुर-कदमतला बततला इलाके में, जब भाजपा की विजय रैली वहां से गुजरी, तो तृणमूल नेता बिप्लव कुंडू के आवास पर कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई और उनकी मोटरसाइकिल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया.

पश्चिम बर्द्धमान, पुरुलिया और बांकुरा से भाजपा समर्थकों द्वारा तृणमूल कार्यालयों पर कब्जा करने की खबरें मिलीं. दुर्गापुर पूर्व से नवनिर्वाचित विधायक चंद्रशेखर बनर्जी और दुर्गापुर पश्चिम से लखन घोरुई के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रशासकों के बोर्ड द्वारा संचालित दुर्गापुर नगर निगम पर वस्तुतः नियंत्रण कर लिया. तृणमूल कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि कई जगहों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी पिटाई की. पुरुलिया के एक तृणमूल कांग्रेस नेता ने कहा, "हम अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं क्योंकि भाजपा कार्यकर्ता 'चोर-चोर' के नारे लगाकर हमें परेशान कर रहे हैं. हम डर के साये में जी रहे हैं."


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