कोलकाता में बुलडोजर कार्रवाई से तनाव बढ़ा; उपद्रवियों के हाथ में भाजपा का झंडा और ‘जय श्री राम’ के नारे

‘द हिंदू’ में श्रबना चटर्जी की रिपोर्ट है कि मंगलवार (5 मई, 2026) की शाम कोलकाता के प्रतिष्ठित न्यू मार्केट इलाके में बुलडोजर द्वारा कई ढांचों को ढहाए जाने के बाद तनाव बढ़ गया. इसी तरह के दृश्य मुर्शिदाबाद के जियागंज में भी देखे गए, जहाँ एक भीड़ ने लेनिन की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया. तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लक्षित हमले का आरोप लगाया है.

टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, "मध्य कोलकाता में न्यू मार्केट के पास.  पुलिस की अनुमति के साथ. जीत के जश्न के हिस्से के रूप में, मीट की दुकानों को गिराने के लिए बुलडोजर लाया गया. चारों ओर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल तैनात है. यही आपके लिए भाजपा है." इस घटना के बाद से बुलडोजर कार्रवाई के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं और नेटिज़न्स इसकी कड़ी आलोचना कर रहे हैं. प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, बुलडोजर कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य टीएमसी के न्यू मार्केट यूनियन कार्यालय को गिराना था, जिसे इस घटना में ध्वस्त कर दिया गया.

कई वीडियो में भाजपा का झंडा लिए लोग बुलडोजर के ऊपर सवार होकर "जय श्री राम" के नारे लगाते और ढांचों को ढहाने का आव्हान करते देखे जा सकते हैं. वीडियो में पुलिस और केंद्रीय बलों के कई जवान भी निगरानी रखते हुए दिखाई दे रहे हैं.

ब्रिटिश काल के न्यू मार्केट क्षेत्र में घबराए हुए व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं. यह शहर के सबसे बड़े बाजारों में से एक है, जहाँ विभिन्न संस्कृतियों और धार्मिक पहचान वाले व्यापारियों की पीढ़ियों से दुकानें हैं.

टीएमसी ने सोशल मीडिया पर इस कृत्य की तीखी आलोचना की और कहा, “चुनाव से पहले: भय बाहर, भरोसा अंदर. चुनाव के बाद: भरोसा बाहर, बुलडोजर अंदर. भाजपा का ‘पोरिबोर्तन’ आ गया है, और यह बुलडोजर के साथ आया है.”

हालांकि, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने 4 मई से अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कई संदेश साझा किए हैं, जिसमें उन्होंने किसी भी भाजपा कार्यकर्ता या समर्थक को तोड़फोड़ या सत्ता के दुरुपयोग में शामिल न होने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि पार्टी चुनाव के बाद की किसी भी हिंसा को स्वीकार नहीं करेगी. भट्टाचार्य ने कहा, "अगर भाजपा के झंडों के साथ कोई राजनीतिक हिंसा होती है और किसी भी टीएमसी कार्यालय पर हमला किया जाता है, तो हम उन्हें पार्टी से निकाल देंगे."

मुर्शिदाबाद के जियागंज इलाके से एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें भाजपा समर्थकों के एक समूह को कथित तौर पर लेनिन की प्रतिमा को खंडित करते देखा गया. टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इस घटना की आलोचना करते हुए कहा, “कल जियागंज में भाजपा कार्यकर्ताओं ने लेनिन की दशकों पुरानी प्रतिमा को यह दावा करते हुए तोड़कर जमीन पर गिरा दिया कि वे इसे शिवाजी की प्रतिमा से बदल देंगे. परिवर्तन का आनंद लीजिए.”

तोड़फोड़ के ये वीडियो भाजपा द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल करने और राज्य में 15 साल पुराने टीएमसी शासन को उखाड़ फेंकने के ठीक एक दिन बाद आए हैं.

Previous
Previous

क्या खतरे में है भारत की चुनावी निष्पक्षता? 

Next
Next

बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा में 3 की मौत; भीड़ ने कोलकाता में टीएमसी के दफ़्तर को बुलडोज़र से गिराया