महिला आरक्षण की 33 प्रतिशत हिस्सेदारी तुरंत लागू करने की मांग को लेकर ‘एनसीडब्ल्यूआर’ का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
नेशनल कोएलिशन फॉर वीमेंस रिजर्वेशन की ओर से जंतर-मंतर पर संयुक्त रैली आयोजित कर संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग की गई. गठबंधन ने मांग की कि महिला आरक्षण को परिसीमन और जनगणना से अलग रखा जाए और इसके लागू होने के लिए इन दोनों प्रक्रियाओं को शर्त न बनाया जाए.
‘काउंटरकरंट्स’ के मुताबिक, मूसलाधार बारिश के बावजूद दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और आसपास के राज्यों से सैकड़ों महिलाएं रैली में शामिल हुईं. महिलाओं ने बैनर और पोस्टर लेकर राजनीतिक प्रतिनिधित्व में अपनी हिस्सेदारी की मांग को लेकर नारे लगाए. कई महिलाएं छोटे बच्चों को गोद में लेकर भी प्रदर्शन में पहुंचीं. आदित्य सदन से जंतर-मंतर तक निकाला गया जुलूस भारी बारिश के बीच भी जारी रहा. इसके बाद जंतर-मंतर पर सार्वजनिक सभा आयोजित की गई.
रैली को ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेन्स एसोसिएशन की महासचिव कनिनिका घोष, उपाध्यक्ष सुभाषिनी अली, मरियम धावले और जगमती सांगवान, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन विमेन की महासचिव निशा सिद्धू, ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव विमेन्स एसोसिएशन की महासचिव श्वेता राज, वाईडब्ल्यूसीए ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंजम्मा मैथ्यू, राष्ट्रीय महासचिव धिया एन मैथ्यू, आईसीडब्ल्यूएम की जॉयसिया थोरट, टुगेदर फॉर ट्रैंक्विलिटी की भावना शर्मा और यूनिटी इन कम्पैशन की मीनाक्षी सिंह ने संबोधित किया.
वक्ताओं ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा महिला आरक्षण कानून को प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने का विरोध किया. उनका कहना था कि महिला आरक्षण को परिसीमन और जनगणना पूरी होने के बाद लागू करने की व्यवस्था महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को अनिश्चित अवधि तक टाल सकती है. महिला संगठनों और कई विपक्षी दलों की ओर से भी इस संबंध में विरोध जताया जाता रहा है.
रैली को विभिन्न संगठनों के नेताओं ने समर्थन दिया. अखिल भारतीय किसान सभा के अशोक धावले, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस के सुदीप दत्ता, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के दिनेश वार्ष्णेय, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के प्रसेनजीत और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के बिट्टू कुमार ने महिलाओं के आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की.
रैली के अंत में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेन्स एसोसिएशन की अखिल भारतीय अध्यक्ष पी.के. श्रीमति ने धन्यवाद ज्ञापित किया. जंतर-मंतर पर चल रहा धरना संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन तक जारी रखने की घोषणा की गई है.
एनसीडब्ल्यूआर ने कहा कि यदि केंद्र सरकार परिसीमन को आगे बढ़ाने और महिला आरक्षण कानून को उससे जोड़ने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाती है, तो इसके खिलाफ देशभर में महिलाओं का आंदोलन और व्यापक किया जाएगा. गठबंधन ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को परिसीमन की शर्त से अलग कर तत्काल लागू किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा.

