भारत में देशव्यापी बारिश में 41% की कमी, महाराष्ट्र के ऊपर रुका दक्षिण-पश्चिम मानसून
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिणी महाराष्ट्र में रुकने के कारण 4 से 18 जून के बीच देश में 41% बारिश की कमी दर्ज की गई है. इस दौरान सामान्य 72.2 मिमी के मुकाबले केवल 42.6 मिमी वर्षा हुई. क्षेत्र-वार देखा जाए तो मध्य भारत में 67%, पूर्व और पूर्वोत्तर में 42%, दक्षिणी प्रायद्वीप में 22% और उत्तर-पश्चिम भारत में 6% की कमी आई है. अनुकूल मौसमी दशाओं की कमी के कारण मानसून आगे नहीं बढ़ पा रहा है.
धीमी गति के मुख्य कारण हैं: अरब सागर में मानसून प्रवाह में नमी और व्यापक बारिश लाने वाले मजबूत उछाल की कमी है. अरब सागर के ऊपर दक्षिण-पश्चिमी हवाएं कमजोर पड़ने से तटीय व आंतरिक महाराष्ट्र में नमी कम हुई है, पश्चिमी हिंद महासागर और अरब सागर के ऊपर मुख्य नमी स्रोत कमजोर हो गया है, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र, चक्रवाती परिसंचरण और 'ऑफशोर ट्रफ' गायब हैं, मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन के निष्क्रिय होने से दक्षिण भारत में पर्याप्त बादल नहीं बन पा रहे हैं.
‘पीटीआई’ के मुताबिक, मानसून की इस धीमी रफ्तार और प्रशांत महासागर में अल नीनो के उभरने से खरीफ फसलों पर संकट मंडरा रहा है. स्थिति को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित जिलों की पहचान कर राज्य सरकारों के साथ मिलकर 'आकस्मिक योजना' बनाने के निर्देश दिए हैं.

