सहयोगियों द्वारा क्रॉस-वोटिंग से कांग्रेस ने झारखंड में राज्यसभा सीट गंवाई, खड़गे के सचिव को शिकस्त 

झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस को अपने ही 'इंडिया' गठबंधन के सहयोगियों की क्रॉस-वोटिंग के कारण बड़ा झटका लगा है. इस चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने आसानी से जीत दर्ज की, जबकि दूसरी सीट पर एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और रिलायंस इंडस्ट्रीज के कॉपोर्रेट मामलों के निदेशक परिमल नथवाणी विजयी रहे. नथवाणी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सचिव प्रणव झा को शिकस्त दी.

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, 81 सदस्यीय विधानसभा में जीत के लिए प्रथम वरीयता के 28 वोटों की आवश्यकता थी. जेएमएम गठबंधन के पास कुल 56 विधायक थे, जिससे दोनों उम्मीदवारों की जीत तय मानी जा रही थी. हालांकि, चुनाव परिणाम में बैद्यनाथ राम और परिमल नथवाणी दोनों को 30-30 वोट मिले (दो वोट अमान्य), जबकि कांग्रेस के प्रणव झा केवल 21 वोट ही हासिल कर सके.

इस हार के बाद कांग्रेस ने अपने सहयोगियों पर "विश्वासघात" और भाजपा पर "खरीद-फरोख्त" का आरोप लगाया. कांग्रेस का दावा है कि राजद के चार और भाकपा (माले) लिबरेशन के दो विधायकों ने उनके पक्ष में मतदान नहीं किया.

पार्टी महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और विधायक अरूप चटर्जी ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया. उन्होंने कहा कि उनके दोनों विधायकों ने तय रणनीति के तहत कांग्रेस को ही वोट दिया था और छोटी पार्टियों पर बिना तथ्यों के उंगली उठाना गलत है. राजद के प्रवक्ता सुबोध कुमार मेहता ने कहा कि जेएमएम की जीत से गठबंधन मजबूत है और वे हार की परिस्थितियों का आकलन कर रहे हैं. चौथी बार राज्यसभा पहुंचने पर नथवाणी ने भावुक पोस्ट साझा कर विधायकों का आभार माना और झारखंड को अपनी कर्मभूमि बताते हुए विकास का संकल्प दोहराया.

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