भाजपा सांसद को अपने खेत में नींबू उगाने के लिए मिली ₹4.20 लाख की सब्सिडी: संसद में केंद्र का जवाब
सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि राजस्थान के जालोर से भाजपा सांसद लुम्बाराम चौधरी, केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी के अलावा एक अन्य ऐसे वर्तमान सांसद हैं, जिन्हें पिछले पांच वर्षों के दौरान केंद्र की बागवानी योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है.
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ द्वारा प्राप्त रिकॉर्ड से पता चलता है कि लुम्बाराम को राजस्थान के सिरोही जिले के वादेली गांव में स्थित अपने 6 एकड़ के खेत में नींबू उगाने के लिए ₹4.20 लाख की सब्सिडी मिली.
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने एक लिखित जवाब में कहा कि “लुम्बा राम (सांसद, सिरोही, राजस्थान)” को वर्ष 2025 में सब्सिडी प्राप्त हुई थी. उन्हें यह सब्सिडी ‘बागवानी फसलों के उत्पादन और कटाई के बाद प्रबंधन के माध्यम से वाणिज्यिक बागवानी का विकास’ नामक योजना के तहत मिली.
रिकॉर्ड से पता चलता है कि लुम्बाराम ने अप्रैल 2021 में सब्सिडी के लिए आवेदन किया था और यह राशि 15 जनवरी 2025 को उनके एसबीआई बैंक खाते में स्थानांतरित की गई थी. रिकॉर्ड के अनुसार, लुम्बा राम की परियोजना की कुल लागत ₹16.92 लाख थी, जिसके लिए उन्होंने ₹12.69 लाख का ऋण लिया था.
लोकसभा की वेबसाइट पर लुम्बाराम का व्यवसाय "कृषक", "किसान" और "एलआईसी एजेंट" दर्ज है. जब लुम्बाराम ने 2021 में सब्सिडी के लिए आवेदन किया था, तब वे सांसद नहीं थे. वे 2024 में सांसद चुने गए। सब्सिडी को दिसंबर 2024 में मंजूरी दी गई और जनवरी 2025 में राशि जारी की गई.
याद रहे कि भागीरथ चौधरी को भी अपने मंत्रालय की एक बागवानी योजना के माध्यम से ₹99 लाख की सब्सिडी मिली थी. हाल ही में केंद्र में उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किए गए एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार के परिवार के तीन सदस्यों ने पांच वर्षों में बागवानी सब्सिडी के रूप में सामूहिक रूप से ₹1.16 करोड़ से अधिक का दावा किया.

