बिहार: प्रदर्शनकारियों पर एके-47 से फायरिंग करने वाला पुलिसकर्मी निलंबित, आठ राउंड फायरिंग हुई थी

बिहार के सिवान जिले में शनिवार (25 जुलाई, 2026) को प्रदर्शनकारियों पर एके-47 फायरिंग करते हुए कैमरे में कैद हुए पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. कम से कम तीन प्रदर्शनकारियों को गोलियां लगी हैं और उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. इनमें से एक को सोमवार (27 जुलाई, 2026) को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. सिवान के एसपी पूरन कुमार झा ने रविवार को ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए गए बयान में कहा था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान आठ राउंड फायरिंग हुई थी.

पटना से अमरनाथ तिवारी की खबर है कि उन्नत एके-47 बंदूक से फायरिंग करते पुलिसकर्मी का एक वीडियो रविवार (26 जुलाई, 2026) से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. सिवान के एक स्थानीय पत्रकार ने बताया, “विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर जिले में शनिवार से 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा निलंबित रहने के कारण यह वीडियो सोशल मीडिया पर देर से आया." कैमरे में दिख रहे पुलिसकर्मी की पहचान अभिषेक कुमार के रूप में हुई है और कहा जा रहा है कि वह जिला खुफिया इकाई (डीआईयू) से जुड़े हैं. सिवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा से जब यह पूछा गया कि पुलिसकर्मी को एके-47 से प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग करने का आदेश किसने दिया था, तो झा ने पत्रकारों से कहा, "यह सब विभागीय जांच का विषय है."

सोमवार (27 जुलाई, 2026) को जारी एक पुलिस विज्ञप्ति में कहा गया, "सिवान के जे.पी. चौक इलाके में एके-47 वाले पुलिसकर्मी ने सरकारी संपत्तियों और निजी जीवन की सुरक्षा के लिए हवा में चार राउंड फायरिंग की थी, लेकिन इस फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ. गोली से घायल हुए तीनों प्रदर्शनकारी जे.पी. चौक से काफी दूर, अलग-अलग स्थानों पर घायल हुए थे." पुलिस विज्ञप्ति में आगे बताया गया, "पुलिस ने सिवान नगर थाने में तीनों घायल प्रदर्शनकारियों — एक 17 वर्षीय (नाम छुपाया गया) और आकाश कुमार (22), जो शहर के हफीज चौक पर घायल हुए थे, तथा तीसरे बुलेट कुमार गोंड (20), जो नगर यातायात पुलिस स्टेशन के पास घायल हुए थे (जो जे.पी. चौक से लगभग दो किमी दूर है) — के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है." पुलिस ने कहा, "सिवान सदर (नगर) अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां से 17 वर्षीय (नाम छुपाया गया) को छुट्टी दे दी गई है."

इस बीच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा: "ढर्रा हर जगह एक जैसा है — जो दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पेलेट गन और बिहार में एके-47 के इस्तेमाल की ओर इशारा करता है.  पूरी व्यवस्था छात्रों के प्रति जानलेवा बनी हुई है.

Previous
Previous

विरोध प्रदर्शन करने और इस्तीफे का जश्न मनाने वाले ‘जेन ज़ी’ में एनडीए नेताओं की बेटियां भी शामिल

Next
Next

आकार पटेल | आक्रोश की जड़ें