विरोध प्रदर्शन करने और इस्तीफे का जश्न मनाने वाले ‘जेन ज़ी’ में एनडीए नेताओं की बेटियां भी शामिल
नीट-यूजी पेपर लीक मामले के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शनों और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, ‘जेन-ज़ी’ के युवाओं के साथ-साथ सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के दो प्रमुख नेताओं की बेटियां भी इस आंदोलन के समर्थन में सामने आई हैं.
‘द वायर’ के अनुसार, असम में भाजपा की सहयोगी 'असम गण परिषद' के मंत्री केशव महंता की बेटी दिबीसा को गुवाहाटी में विरोध प्रदर्शन के दौरान देखा गया. उन्होंने 'लीक' रोकने के प्रतीक के रूप में सेनेटरी नैपकिन के साथ प्रदर्शन किया और इसे एक गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बताया. इस पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि वयस्क बच्चों की राजनीतिक विचारधारा अपने माता-पिता से अलग हो सकती है और इस वजह से मंत्री को ट्रोल नहीं किया जाना चाहिए.
ओडिशा से भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता ने इंस्टाग्राम पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर साझा करते हुए "जय हिंद!" लिखा. उन्होंने स्पष्ट किया कि दबाव आने पर भी वे अपनी पोस्ट डिलीट नहीं करेंगी. उन्होंने इसके बाद एक दूसरी इंस्टाग्राम स्टोरी पोस्ट की, जिसमें लिखा था: "साथ ही, डीपी के पीए के लिए जो निश्चित रूप से मेरी माँ को मैसेज करके मेरी पिछली स्टोरी डिलीट करने के लिए कहेगा (ऐसा पहले भी हो चुका है) — ज़हमत न उठाएं, मैं डिलीट नहीं करूँगी। जय जगन्नाथ! जय हिंद!" "डीपी के पीए" का संभावित अर्थ "धर्मेंद्र प्रधान के व्यक्तिगत सहायक" से है. बाद में अर्चिता का इंस्टाग्राम अकाउंट निष्क्रिय हो गया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की 19 वर्षीय बेटी दिविजा फडणवीस ने भी कहा था कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का लोकतांत्रिक अधिकार है.
यह घटना दर्शाती है कि शिक्षा व्यवस्था में आई खामियों और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर युवा पीढ़ी, सामाजिक या पारिवारिक पृष्ठभूमि और राजनीतिक संबद्धता से परे एकजुट होकर जवाबदेही की मांग कर रही है.

