भारत की बेरोजगारी दर जुलाई में चार महीने के निचले स्तर 5.1% पर आई
सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के हवाले से ‘रॉयटर्स’ की खबर है कि 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए भारत की बेरोजगारी दर जुलाई में घटकर 5.1% हो गई, जो चार महीनों में इसका सबसे निचला स्तर है.
रॉयटर्स के सर्वेक्षण में जुलाई की बेरोजगारी दर 5.4% रहने का अनुमान लगाया गया था, जबकि जून में यह 5.5% थी. मार्च में यह दर 5.1% पर थी.
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों से पता चला है कि ग्रामीण बेरोजगारी दर जुलाई में घटकर 4.5% हो गई, जो जून में 5.0% थी, जबकि शहरी दर जून के 6.6% से मामूली बढ़कर 6.7% हो गई.
15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में, पुरुषों की बेरोजगारी दर जुलाई में घटकर 5.0% हो गई (जो जून में 5.3% थी), जबकि महिलाओं के लिए यह दर 5.9% से घटकर 5.4% पर आ गई.
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने अपने मासिक आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) बुलेटिन में कहा कि श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर), जो 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन लोगों के हिस्से को मापती है जो काम कर रहे हैं या काम की तलाश कर रहे हैं, जुलाई में बढ़कर 55.4% हो गई, जो एक महीने पहले 54.4% थी.
श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर), जो कार्यरत लोगों के अनुपात का एक माप है, 51.4% से बढ़कर 52.5% हो गया.
महिला श्रम-बल भागीदारी जून के 32.7% से बढ़कर 34.4% हो गई, जिसका मुख्य कारण ग्रामीण महिला भागीदारी का 36.6% से बढ़कर 38.8% होना रहा.
ये आंकड़े भारत की पीएलएफएस रिपोर्ट के तहत वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (सीडब्ल्यूएस) माप पर आधारित हैं, जिसमें देश भर के 3,71,021 लोगों को शामिल किया गया है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 2,11,411 और शहरी क्षेत्रों के 1,59,610 लोग शामिल हैं.

