हरिद्वार में कांवड़िए पीछे छोड़ गए 8,000 मीट्रिक टन कचरा: महिलाओं के चेंजिंग रूम में मिलीं पेशाब की बोतलें
हरिद्वार में 12 दिन की कांवड़ यात्रा के दौरान 4 करोड़ 80 लाख कांवड़िए 8 हजार मीट्रिक टन कचरा गंगा घाटों पर फैलाकर चले गए. सबसे बुरा हाल मां गंगा के आरती क्षेत्र हरकी पैड़ी का रहा. यहां कचरे के बड़े-बड़े ढेर दिखे. ‘भास्कर इंग्लिश’ के मुताबिक, महिलाओं के चेंजिंग रूम में पेशाब से भरी बोतलें मिलीं.
हालात को देखते हुए 1000 आउटसोर्स यानी बाहर से बुलाए कर्मचारियों की मदद ली जा रही है. हरिद्वार जिला प्रशासन ने 18 अगस्त तक विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. नगर आयुक्त नंदन कुमार के अनुसार, डाक कांवड़ के दो दिनों में ही पूरे शहर में 1700 मीट्रिक टन कूड़ा फैला.
अब कूड़े को ज्वालापुर स्थित सराय में कूड़ा ट्रीटमेंट प्लांट में रीसाइकिल के लिए भेजा जा रहा है. यहां से कूड़ा अलग-अलग करके आगे प्राइवेट कंपनियों को बेचा जाएगा और कुछ के कपड़े बनाए जाएंगे. नगर निगम दिन-रात अभियान चलाकर सफाई में जुटा है. सफाईकर्मियों का समूह सबसे पहले घाटों पर सफाई कर रहा है.
गंगा आरती से पहले हरकी पैड़ी क्षेत्र को सबसे पहले साफ किया गया. अभी घाटों की स्थिति पहली जैसी नहीं हो पाई है. शिवरात्रि की संध्या आरती के बाद जब घाट खाली हुए, तब श्रद्धालुओं से ज्यादा कचरे के ढेर दिखे. पिछले साल करीब 4 करोड़ 52 लाख कांवड़िए जल लेकर गए थे. तब 8 हजार मीट्रिक टन कूड़ा गंगा घाटों से हटाया गया था.

