‘रॉयटर्स’ के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस पर एक बड़े साइबर हमले में हैकर्स ने मात्र 20 मिनट के भीतर रिकॉर्ड 6.3 अरब डॉलर (लगभग 6.3 बिलियन डॉलर) चुरा लिये. ब्लॉकचेन विश्लेषण फर्मों टीआरएम लैब्स और चेनैलिसिस ने इस इतिहास की सबसे बड़ी क्रिप्टो डकैती के पीछे उत्तर कोरियाई हैकर्स का हाथ होने की पुष्टि की है. इस घटना से वैश्विक स्तर पर क्रिप्टोकरेंसी बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे बिटकॉइन और अन्य प्रमुख टोकन लुढ़क गए.
सुरक्षा सेंध का शुरुआती कारण बाइनेंस के एक इंजीनियर का हैक किया गया लैपटॉप बताया जा रहा है. हमले के बाद बाइनेंस ने तत्काल प्रभाव से निकासी रोक दी और सह-सीईओ रिचर्ड टेंग ने स्पष्ट किया कि उपयोगकर्ताओं का फंड सुरक्षित है तथा कंपनी हर नुकसान की भरपाई करेगी.
इस घटना ने सेंट्रलाइज्ड क्रिप्टो एक्सचेंजों की सुरक्षा और डिजिटल परिसंपत्तियों पर निवेशकों के भरोसे को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं. बाइनेंस ने अगले 48 घंटों में अपनी सेवाएं फिर से सामान्य होने की उम्मीद जताई है, जबकि इस बात पर बहस तेज हो गई है कि उद्योग को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है.

