2026 के विधानसभा चुनाव में 191 आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों की जानकारी नहीं दी गई
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद प्रमुख राजनीतिक दलों ने 2026 के विधानसभा चुनावों में आपराधिक मामलों का सामना कर रहे 191 उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के कारणों का खुलासा नहीं किया. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक स्टडी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत कई प्रमुख दलों ने ऐसे उम्मीदवारों के चयन को लेकर जरूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की.
ये उम्मीदवार असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों में मैदान में थे. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत राजनीतिक दलों को फॉर्म सी-7 के माध्यम से यह बताना होता है कि उन्होंने आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों को ऐसे उम्मीदवारों के मुकाबले क्यों चुना, जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है.
एडीआर ने पांच राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में 51 प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा उतारे गए 3,539 उम्मीदवारों के फॉर्म सी-7 से जुड़ी जानकारियों का विश्लेषण किया. इनमें से 1,405 उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी. हालांकि, राजनीतिक दलों ने इनमें से केवल 1,214 उम्मीदवारों के संबंध में फॉर्म सी-7 के जरिए जानकारी सार्वजनिक की. यानी करीब 86 प्रतिशत मामलों में ही आवश्यक खुलासा किया गया.
तमिलनाडु में सबसे अधिक उम्मीदवारों के संबंध में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई. राज्य में आपराधिक मामलों वाले 473 उम्मीदवारों में से 401 के लिए ही राजनीतिक दलों ने फॉर्म सी-7 प्रकाशित किया. इस तरह 72 उम्मीदवारों के चयन के कारणों का खुलासा नहीं किया गया.
पश्चिम बंगाल में आपराधिक मामलों वाले 559 उम्मीदवारों में से 55 के संबंध में फॉर्म सी-7 उपलब्ध नहीं कराया गया. केरल में 268 उम्मीदवारों में से 27 और असम में 66 उम्मीदवारों में से 10 के लिए यह जानकारी प्रकाशित नहीं की गई.
पुडुचेरी में आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों के संबंध में जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने का अनुपात सबसे अधिक रहा. यहां 39 ऐसे उम्मीदवारों में से 27 के लिए राजनीतिक दलों ने फॉर्म सी-7 के तहत कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की.
प्रमुख दलों की बात करें तो भाजपा ने आपराधिक मामलों वाले अपने 302 उम्मीदवारों में से आठ के संबंध में आवश्यक खुलासा नहीं किया. कांग्रेस ने ऐसे 202 उम्मीदवारों में से 13 के लिए फॉर्म सी-7 प्रकाशित नहीं किया. वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने आपराधिक मामलों वाले अपने सभी 116 उम्मीदवारों के संबंध में फॉर्म सी-7 के जरिए जानकारी प्रकाशित की.
एडीआर के विश्लेषण के मुताबिक, जिन उम्मीदवारों के लिए राजनीतिक दलों ने फॉर्म सी-7 प्रकाशित किया, उनमें उनके चयन को लेकर दिए गए कारण अक्सर एक जैसे थे. दलों ने कई उम्मीदवारों को लोकप्रिय सामाजिक कार्यकर्ता, जमीनी स्तर के नेता या अनुभवी राजनेता बताया. इसके अलावा कई उम्मीदवारों के बारे में कहा गया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं के बीच मजबूत समर्थन है.

