28 सितंबर से देशव्यापी बैंक हड़ताल से पहले वित्त मंत्रालय ने सुरक्षा बढ़ाने को कहा
'द वायर' की रिपोर्ट के अनुसार, 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल से पहले वित्त मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से बैंकों और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण संस्थाओं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने का अनुरोध किया है. वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने गृह मंत्रालय से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए परामर्श जारी करने को कहा है.
डीएफएस ने 21 सितंबर को जारी एक आधिकारिक ज्ञापन में मुद्रा तिजोरियों, चेक क्लियरिंग केंद्रों, डेटा सेंटर, डेटा रिकवरी सेंटर, ट्रेजरी संचालन, आईटी केंद्र, साइबर सुरक्षा प्रकोष्ठ और एटीएम के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया. इसके अलावा हड़ताल में शामिल नहीं होने वाले बैंक कर्मचारियों को भी सुरक्षा देने की बात कही गई है.
यह ज्ञापन 18 और 21 सितंबर को हुई बैठकों के बाद जारी किया गया. इन बैठकों की अध्यक्षता डीएफएस सचिव ने की थी, जिसमें संकट प्रबंधन समूह, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और भारतीय बैंक संघ के प्रमुख शामिल हुए. ज्ञापन पर बैंकिंग विभाग की संयुक्त सचिव शालिनी पंडित ने हस्ताक्षर किए. इसमें गृह मंत्रालय से हड़ताल को लेकर राज्यों से प्राप्त विशेष खुफिया रिपोर्ट डीएफएस के साथ साझा करने का भी अनुरोध किया गया है, ताकि बैंकिंग सेवाओं का सुचारु संचालन और स्थिति की निगरानी सुनिश्चित की जा सके.
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू), जो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, ने कहा है कि सरकार की ओर से पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह की मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलने तक हड़ताल जारी रहेगी.
यूनियनों की अन्य मांगों में पेंशन में सुधार, महंगाई भत्ते के लिए एक समान फार्मूला और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत आने वाले सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में जाने का विकल्प देना शामिल है. इससे पहले 11 सितंबर की एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मजदूर संगठन भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक के बाद प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना को रोक दिया गया था. हालांकि, पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह पर कोई ठोस घोषणा नहीं हुई.
22 सितंबर को हुई सुलह बैठक में डीएफएस और वित्त मंत्रालय ने यूएफबीयू से हड़ताल टालने की अपील की. सरकार ने कहा कि बैंक कर्मचारियों से जुड़े कई कदमों पर काम किया जा रहा है और तीन दिन की हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने के साथ आम लोगों को परेशानी हो सकती है.
यूनियनों ने संकेत दिया है कि पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह को लागू करने की दिशा में कोई ठोस और सकारात्मक पहल होती है तो वे अपने रुख पर विचार कर सकते हैं. प्रस्तावित हड़ताल 30 सितंबर को खत्म होगी, जो बैंकों के छमाही वित्तीय लेखा बंद होने का दिन है. इसके कारण मिलान और रिपोर्टिंग का काम भी प्रभावित हो सकता है.

