मणिपुर नागा संगठन ने राजमार्ग नाकाबंदी तेज़ करने की घोषणा की

मणिपुर में नागा समुदायों की शीर्ष संस्था, यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने कहा है कि वह बुधवार (9 सितंबर 2026) को राज्य भर के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर अपनी अंतर-ज़िला आर्थिक नाकाबंदी को और तेज़ करेगी.

‘द हिंदू ब्यूरो’ के मुताबिक, यह निर्णय 2 सितंबर को उखरुल में आयोजित यूएनसी की आपातकालीन प्रेसिडेंशियल काउंसिल की बैठक के बाद आया, जहाँ उसकी मुख्य मांगों पर सरकार के रुख की समीक्षा की गई थी. यूएनसी ने कहा कि आर्थिक नाकाबंदी को तेज़ करना वाजिब है क्योंकि सरकार 13 मई को कांगपोकपी ज़िले के लेइलोन वाइफेई गाँव से अगवा किए गए और मारे गए छह लियांगमई नागा नागरिकों के परिवारों को न्याय दिलाने में विफल रही. संगठन की मांगों में छह नागाओं की हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई और कुकी सशस्त्र समूहों से सांठगांठ का आरोप झेल रही उप-मुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को हटाने की मांग शामिल है.

यूएनसी के प्रवक्ता एच. जेम्स हाउ द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, यह "अनिश्चितकालीन" नाकाबंदी राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (इम्फाल-दिमापुर), एनएच-202 (इम्फाल-उखरुल-जेसामी), एनएच-37 (इम्फाल-जिरीबाम), और एनएच-102ए (तादुबी-उखरुल) को प्रभावित करेगी.

यूएनसी ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा आपूर्ति, मीडिया, बिजली, दूरसंचार और जल आपूर्ति जैसी आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं को ले जाने वाले वाहनों को नाकाबंदी से छूट दी जाएगी.

इस नाकाबंदी से एनएच-2 के रास्ते इम्फाल-गुवाहाटी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है, जिन्हें तीन से अधिक वर्षों के बाद अगस्त में फिर से शुरू किया गया था. 3 मई 2023 को कुकी-ज़ो और मैतेई समुदायों के बीच जातीय संघर्ष भड़कने के बाद राजमार्गों पर लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई थी.

मणिपुर के गृह मंत्री कोनथौजम गोविंददास ने हाल ही में सदन को बताया कि फरवरी से कुकी और नागाओं के बीच हुए संघर्ष सहित विभिन्न जातीय झड़पों में कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है.

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