यदि “सर महामानव” इतने ‘देशभक्त’ हैं तो क्या वह बता सकते हैं कि अमेरिकी नौसैनिक किस जेल में बंद हैं?”
गुरुवार को पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने जब यह जानकारी दी कि अमेरिकी हमले के बाद ओमान के तट पर पलाऊ ध्वज वाले टैंकर एमटी सेट्टेबेलो पर लापता बताए गए तीनों भारतीय नाविकों की मौत हो गई है, तो सोशल मीडिया पर लोग मोदी सरकार के खिलाफ खुलकर सामने आ गए. 2014 के आम चुनाव के पहले मोदी के भाषणों को आर्काइव से निकाल लिया गया और सवाल होने लगे कि अब मोदी क्यों चुप हैं. तब तो मोदी सोनिया गांधी और तत्कालीन मनमोहन सरकार से तीखे प्रश्न कर रहे थे.
दरअसल, 24 भारतीय क्रू सदस्यों को ले जा रहे भारतीय टैंकर पर इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी सैन्य हमले हुआ था, जिसके बाद भारतीय और ओमानी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से खोज और बचाव अभियान चलाया. इस घटना ने भारत में चिंता पैदा कर दी थी क्योंकि 21 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया था जबकि तीन अन्य हमले के बाद लापता थे. एक दिन पहले भारत ने इस वाणिज्यिक जहाज़ पर हुए हमले की कड़ी निंदा की थी और अमेरिका के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराया था.
मोदी ने असल में 2014 के पहले इतनी बड़ी-बड़ी बातें की थीं और दावे किये थे कि जो अब उनके लिए मुसीबत बन रहे हैं. चाहे फिर नोटबंदी हो, चीन को लाल आंख दिखाना हो, आतंकवाद का मामला हो या फिर रुपये के लगातार गिरने से लेकर पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस के दाम हों, एक लंबी लिस्ट है, जिसको लेकर उनसे सवाल किये जाते हैं.
मसलन, मार्च 2014 में मोदी ने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को इतालवी मरीन मामले पर निशाना बनाते हुए कहा था कि केरल तट पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोप में मुकदमे का सामना कर रहे दो अभियुक्तों को पिछले वर्ष भारत से “सुरक्षित मार्ग” किसने दिया. 31 मार्च 2014 को मोदी ने ट्वीट किया था, “इतालवी मरीन ने निर्दयता से हमारे मछुआरों की हत्या कर दी. यदि “मैडम” (सोनिया गांधी) इतनी 'देशभक्त' हैं तो क्या वह बता सकती हैं कि मरीन किस जेल में बंद हैं?”
बस, सोशल मीडिया यूज़र्स ने 2014 के मोदी के इन्हीं तेवरों और सवालों को मुद्दा बनाकर उनकी आलोचना शुरू कर दी और सवाल भी करने लगे. राजेश नाम के एक यूज़र ने लिखा, “अमेरिकी नेवी ने बड़ी निर्दयता के साथ हमारे तीन नाविक मार डाले. यदि “सर” (नरेंद्र मोदी) इतने ‘देशभक्त’ हैं तो क्या वह बता सकते हैं कि अमेरिकी नौसैनिक किस जेल में बंद हैं?” प्रकूल नामक उपयोगकर्ता ने भी ‘एक्स’ पर लिखा, "अमेरिकी मरीन ने बेरहमी से हमारे नाविकों की हत्या कर दी. यदि महामानव इतने ‘देशभक्त’ हैं तो क्या वह बता सकते हैं कि मरीन किस जेल में बंद हैं?"
कृष्णा नामक यूज़र ने टिप्पणी की, “"जून 2021 में आपकी सरकार ने मामला वापस लेकर इतालवी मरीन को रिहा कर सुरक्षित रूप से इटली भेज दिया था." इसके साथ उन्होंने ‘द गार्डियन’ अखबार की कटिंग भी लगाई है.

