राम मंदिर में ‘चढ़ावा घोटाला’: महंत कमल नयन दास बोले, “जांच करने वाले सब बेईमान हैं, जांच कौन करेगा”; हाईकोर्ट में पीआईएल

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित 'गबन' (घोटाले) की सीबीआई जांच की मांग को लेकर शुक्रवार (12 जून) को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई.

संजय पांडे के अनुसार, इस मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है. स्थानीय वकील मोहित अशोक द्वारा दायर इस जनहित याचिका में मामला दर्ज करने और सीबीआई द्वारा आरोपों की जांच कराने की मांग की गई है. इसमें सीएजी (भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक) द्वारा श्रद्धालुओं के नकद और आभूषणों सहित पूरे चढ़ावे का ऑडिट कराने की भी मांग की गई है.

याचिकाकर्ता ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की खबर से करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं 'आहत' हुई हैं, इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है. जनहित याचिका में केंद्र सरकार, सीबीआई, सीएजी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पक्षकार (इम्पलीड) बनाने की मांग की गई है. इस बीच, सूत्रों के अनुसार, पीएमओ के बाद आरएसएस ने भी इस मामले पर राम मंदिर प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी है.

सूत्रों ने बताया कि कथित तौर पर गबन की गई राशि का एक हिस्सा, जिसका खुलासा नहीं किया गया है, बरामद कर लिया गया है. इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और संतों ने भी इस मामले की जांच की मांग की थी.

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में गबन के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि वह परिणाम के डर से सच नहीं बोल पा रहे हैं. भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता और अयोध्या के पूर्व सांसद विनय कटियार ने भी मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि यह मुद्दा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है. अयोध्या के कुछ संतों ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी और मामले की जांच की मांग की.

इस बीच महंत कमल नयन दास ने कहा, “अगर कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जांच अवश्य होनी चाहिए. लेकिन जांच करने वाले खुद बेईमान हैं. कौन दूध का धुला है? सबके सब बेईमान हैं. जो हल्ला मचा रहे हैं, वो क्या दूध के धोए हैं? जांच करने वाले सब बेईमान हैं. तो जांच कौन करेगा? भगवान ही जांच करेंगे. जो रिक्शे और साइकिल पर चलते थे, वो आज बड़ी-बड़ी गाड़ियों में चल रहे हैं. उनके बड़े-बड़े मकान बन गए. अब किसका-किसका नाम मैं गिनाऊँ. जो जैसा करेगा, उसका फल उसे मिलेगा. निश्चित मिलेगा. भगवान दंड देंगे.”

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