बंगाल में चुनाव से जुड़े अफसर एक के बाद एक पुरस्कृत: अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी अग्रवाल, मुख्य सचिव होंगे

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव से जुड़े कार्यों से संबंधित नौकरशाहों को एक-एक कर पुरस्कृत किया जा रहा है. उन्हें सर्वश्रेष्ठ पदस्थापना दी जा रही है. सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता, जो एसआईआर प्रक्रिया के लिए चुनाव आयोग के ‘विशेष रोल ऑब्जर्वर’ थे, को शनिवार (9 मई, 2026) को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त करने के बाद अब सोमवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल को राज्य में सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है.

‘पीटीआई’ के अनुसार, पश्चिम बंगाल कैडर के 1990 बैच के आईएएस अधिकारी अग्रवाल ने विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में चुनाव आयोग द्वारा निर्देशित 'एसआईआर' अभ्यास का नेतृत्व किया था, जिसमें मतदाता सूची से लगभग 91 लाख मतदाताओं को हटाया गया था. आदेश में कहा गया है कि वर्तमान मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला को नई दिल्ली में प्रधान स्थानीय आयुक्त नामित किया गया है.

1993 बैच के आईएएस नारियाला को चुनाव आयोग ने नंदिनी चक्रवर्ती को राज्य के शीर्ष नौकरशाह के पद से हटाकर पश्चिम बंगाल का मुख्य सचिव नियुक्त किया था. माना जा रहा है कि चुनाव आयोग के भरोसे ने नौकरशाही के भीतर उनका कद बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाई है.

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को करारी शिकस्त देने के बाद राज्य में भाजपा पहली बार सत्ता में आई है. भगवा पार्टी ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें हासिल कीं, जिससे टीएमसी घटकर 80 सीटों पर रह गई.

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