ओडिशा मेडिकल परीक्षा शुरू होने के कुछ मिनट बाद व्हाट्सऐप पर शेयर हुआ प्रश्नपत्र, अधिकारियों ने कहा- यह 'लीक' नहीं

ओडिशा में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल परीक्षा का एक प्रश्नपत्र कथित तौर पर परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, जिसके बाद ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं. पीटीआई ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

2023-26 बैच की जनरल सर्जरी थ्योरी परीक्षा सोमवार को आयोजित की गई थी. आरोप है कि परीक्षा चलने के दौरान प्रश्नपत्र की तस्वीरें व्हाट्सऐप पर शेयर की गईं.

'द इंडियन एक्सप्रेस' ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि बेरहामपुर स्थित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में छात्रों को प्रश्नपत्र बांटे जाने के कुछ ही मिनट बाद किसी व्यक्ति ने इसे शेयर किया था.

मामला तब सामने आया जब भुवनेश्वर के एक निजी मेडिकल कॉलेज के एक छात्र ने अधिकारियों को इसकी जानकारी दी. कथित तौर पर उस छात्र के पास प्रश्नपत्र की तस्वीरें थीं.

घटना के बाद ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के कुलपति मानस रंजन साहू ने उन मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ वर्चुअल बैठक की, जहां परीक्षाएं आयोजित की गई थीं. 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' ने यह जानकारी दी.

एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य हरेकृष्ण दलई ने बताया कि कुलपति ने संस्थानों को बाकी परीक्षाओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का निर्देश दिया है.

दलई ने यह भी कहा कि इस घटना को पेपर लीक नहीं कहा जा सकता.

'द टाइम्स ऑफ इंडिया' के मुताबिक दलई ने कहा, "अगर प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंचने से पहले बाहर आ गया होता, तो हम इसे लीक कह सकते थे. लेकिन इस मामले में प्रश्नपत्र परीक्षा हॉल से बाहर आया."

थ्योरी परीक्षाओं का यह बैच 21 जुलाई से शुरू हुआ था. दो और परीक्षाएं 1 अगस्त और 5 अगस्त को होनी हैं. बेरहामपुर कॉलेज में 150 से अधिक छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं.

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब इसके तीन दिन बाद संसद ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ बने कानून में संशोधन वाले विधेयक को मंजूरी दी. प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद यह संशोधन किया गया है.

संशोधित प्रावधानों में परीक्षा से जुड़े अपराधों के लिए कड़ी सजा, जांच पूरी करने के लिए दो महीने की समयसीमा और परीक्षा से जुड़े गंभीर अपराधों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स के गठन का प्रावधान है.

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