मोदी के शपथ समारोह में आमंत्रित था जंतर-मंतर पर नाबालिग के पिता का सिर फोड़ने वाला स्वतंत्र भारद्वाज
जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को नाबालिग छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता का सिर फोड़ने वाला स्वतंत्र भारद्वाज 9 जून 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था. ‘ऑल्ट न्यूज़’ के प्रतीक सिन्हा ने अपने ‘एक्स’ हैन्डल पर इस बारे में ब्योरा शेयर किया है.
‘पीटीआई और टेलीग्राफ वेब’ के मुताबिक, खुद को “सनातनी हीरो” बताने वाले 22 वर्षीय हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा आधार तैयार किया है. उसके फेसबुक पर लगभग 3,27,000, इंस्टाग्राम पर 1,84,000 और ‘एक्स’ पर 6,400 से अधिक फॉलोअर्स हैं. वह लगातार हिंदुत्व, गौ रक्षा, उकसाऊ बयानों और मुसलमानों तथा सरकार के आलोचकों पर हमलों से जुड़ी सामग्रियां पोस्ट करता रहता था. अपनी प्रोफाइल पर उसने लाल किले के कार्यक्रम, 15 अगस्त के लिए रक्षा मंत्रालय से प्राप्त निमंत्रण पत्र और केंद्र सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के कार्ड की तस्वीरें साझा कर खुद को सत्ता के करीब दिखाने का प्रयास किया. इसके अलावा, कई बड़े नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें और एआई निर्मित भड़काऊ फोटो भी उसके सोशल मीडिया पर मौजूद थीं.
हाल ही में भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उसने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के दौरान एक प्रदर्शनकारी (संजय कुमार) का सिर फोड़ने का दावा किया. उसने शेखी बघारते हुए कहा कि पीड़ित को 60 टांके आए थे और उस पर धारा 307 लगनी चाहिए थी, लेकिन अपने राजनीतिक संपर्कों के कारण वह बिना जेल गए पूरी रात घूमता रहा. उसने यह भी दावा किया कि उसके पास दिल्ली पुलिस के जूते हैं और वह बिना किसी आधिकारिक प्रक्रिया के दिल्ली पुलिस बनकर घूमता है. उसने कपिल मिश्रा, चिराग पासवान और यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा कि उसे शीर्ष नेताओं का संरक्षण प्राप्त है. इन सभी को उसने अपना बड़ा भाई बताया.
वीडियो वायरल होने के बाद सीजेपी समर्थकों और आम जनता ने उसकी गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भारद्वाज द्वारा उनके नाम के दुरुपयोग की निंदा की, पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और कड़ी कार्रवाई की मांग की.
पुलिस से बचने के लिए भारद्वाज ने अपनी पहचान छिपाकर मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया गया. बाद में दिल्ली पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया.
शनिवार को भारद्वाज को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. उसके खिलाफ दर्ज मामलों में एससी/एसटी एक्ट और पोक्सो जैसी गंभीर धाराएं भी शामिल बताई गई हैं. उसकी गिरफ्तारी के विरोध में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर उसके समर्थकों ने जमा होकर नए आरोपों को वापस लेने की मांग की और प्रदर्शन किया.

