मणिपुर में फिर गोलीबारी: गाँव के एक स्वयंसेवक की मौत, तीन घायलों में दो सीआरपीएफ के जवान शामिल
बुधवार को मणिपुर के नोनी जिले में हुई गोलीबारी में गाँव के एक स्वयंसेवक (विलेज वॉलंटियर) की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया, जबकि सीआरपीएफ के दो जवान छर्रे लगने से घायल हो गए.
यह घटना बिटियांग गाँव में उस समय हुई, जब नागा-बहुल जिले में अभियान चला रहे सुरक्षा बलों को गाँव के स्वयंसेवकों की ओर से की गई गोलीबारी का सामना करना पड़ा. मणिपुर में गाँव के स्वयंसेवक किसी विशेष जातीय समूह के वे सशस्त्र नागरिक हैं जो कुछ क्षेत्रों की रखवाली करते हैं. इन स्वयंसेवकों ने 2023 में राज्य में शुरू हुए जातीय संघर्ष के जवाब में काम करना शुरू किया था.
‘पीटीआई’ के अनुसार, स्थानीय आदिवासी समुदाय के सदस्यों ने गाँवों में सीआरपीएफ जवानों द्वारा चलाए गए अभियानों का विरोध किया है. ‘वर्किंग कमेटी ऑफ द जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल ऑफ नोनी’ ने सुरक्षा बलों द्वारा किए गए अभियानों के विरोध में जिले में सभी राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे और राष्ट्रीय परियोजनाओं को "तत्काल और आपातकालीन रूप से बंद" करने की घोषणा की है.
मई 2023 से घाटी में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी जिलों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच हुए जातीय संघर्ष के कारण कम से कम 260 लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं.
इस बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने दो दिवसीय दौरे के दौरान मणिपुर में, 'इंस्पेक्टर जनरल असम राइफल्स (साउथ)', 'इंस्पेक्टर जनरल असम राइफल्स (ईस्ट)' और 'रेड शील्ड डिविजन' की सुरक्षा स्थिति और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की.

