‘हम न्याय चाहते हैं, बदला नहीं’: चोंगथम के परिवार की अपील
इस बीच मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह के परिवार ने न्याय और निष्पक्ष जाँच की अपील करते हुए कहा कि वे जवाबदेही चाहते हैं, बदला नहीं.
‘पीटीआई’ के मुताबिक, मंगलवार को मणिपुर भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिंह की पत्नी ने कहा कि परिवार 54 वर्षीय संगीतकार के अचानक चले जाने के सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है.
उन्होंने कहा, "मैं अभी भी अपने पति विक्रम चोंगथम विक्रम को खोने के गम से उबरने के लिए संघर्ष कर रही हूँ. वे मेरे पति, मेरे बच्चे के पिता, एक बेटे, भाई, संगीतकार और परिवार व दोस्तों के चहेते इंसान थे. उनकी अचानक हुई मौत ने ऐसा खालीपन छोड़ दिया है जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता."
परिवार ने हिंसा खत्म करने की भी अपील की और आग्रह किया कि किसी अन्य परिवार को इस तरह की त्रासदी न झेलनी पड़े.
चोंगथम की पत्नी ने कहा, "हम बदला नहीं चाहते, हम न्याय चाहते हैं. उनका एक नाम था, परिवार था और एक ज़िंदगी थी जो मायने रखती थी. हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि उनकी यादों का सम्मान किया जाए, हमारे दुख को गरिमा दी जाए और न्याय हो."
सिंह 1980 के दशक की शुरुआत में मणिपुर के प्रसिद्ध रॉक बैंड 'फीनिक्स' के लीड गिटारवादक थे और उन्हें राज्य के रॉक संगीत परिदृश्य के अग्रदूतों में से एक माना जाता था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 'अल्ट्रा वाइरस' नामक बैंड से की थी, जिसके बाद वे फीनिक्स और फिर स्थानीय बैंड 'ईस्टर्न डार्क' से जुड़े.
2004 के आसपास दिल्ली आने के बाद, सिंह ने संगीतकार और संगीत शिक्षक के रूप में काम करना जारी रखा, जहाँ वे क्लासेस और वर्कशॉप आयोजित करते थे. उनका संगीत हिंदुस्तानी संगीत, रॉक एंड रोल और जैज़ जैसे कई शैलियों में फैला हुआ था. उन्होंने लगभग एक दशक तक गायक मामे खान के साथ भी काम किया और कोक स्टूडियो से भी जुड़े रहे.
इधर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने "बढ़ती अराजकता" से निपटने में केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए और इस मामले की त्वरित जाँच की मांग की. 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मणिपुर के एक प्रसिद्ध संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह जी अपने घर के बाहर कुछ पुरुषों से शोर कम करने के लिए कहने नीचे गए थे. इसके लिए उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई."
राहुल ने आगे कहा, "एक पिता को उसके अपने घर के बाहर, उसके अपने देश की राजधानी में मार दिया गया." राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर के परिवार अब पूछ रहे हैं कि क्या वे सुरक्षित हैं.

