दिल्ली में मणिपुर के संगीतकार की मॉब लिंचिंग; ‘दूसरे लोग हमें भारतीय क्यों नहीं समझते?’ पुराने ज़ख्मों को फिर से हरा कर दिया

मणिपुर के एक संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की लिंचिंग—कथित तौर पर अपने घर के बाहर शोर मचाने और शराब पीने की शिकायत करने के बाद—ने पूर्वोत्तर भारत के दिल्ली स्थित निवासियों के बीच चिंता बढ़ा दी है और उनके पुराने ज़ख्मों को फिर से हरा कर दिया है.

कई लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें आज भी नस्लवादी टिप्पणियों और भेदभाव का सामना करना पड़ता है. सिंह के एक पड़ोसी, जो खुद भी मणिपुर से हैं, ने कहा, "हमें यहाँ हमेशा नस्लवाद का सामना करना पड़ता है. कई लोग हमें 'चीनी' या 'मोमो' कहते हैं. हम भारतीय हैं और हमें इस पर गर्व है. दूसरे लोग हमें भारतीय क्यों नहीं समझते?"

‘पीटीआई और टेलीग्राफ वेब डेस्क’ के अनुसार, रविवार आधी रात के आसपास अपने घर के बाहर हंगामा सुनकर, पड़ोसी महिला यह देखने के लिए कुछ देर के लिए बाहर निकलीं कि लोगों का एक समूह किसी का पीछा कर रहा है, जिसके बाद डर के मारे उन्होंने अपना दरवाज़ा बंद कर लिया. अगली सुबह उन्हें पता चला कि पीड़ित सिंह थे, जिन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया था.

उसी इमारत की दूसरी मंजिल पर रहने वाली पड़ोसी महिला ने, जहाँ सिंह तीसरी मंजिल पर रहते थे, उस दर्दनाक घटना को याद किया.

पुलिस के अनुसार, 54 वर्षीय संगीतकार (गिटारवादक) पर दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गाँव में उनके अपार्टमेंट के बाहर चिल्लाने और शराब पीने का विरोध करने के बाद, डिलीवरी वर्करों और ढाबा कर्मचारियों के एक समूह द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया था.

पड़ोसी महिला ने कहा, "मैंने कुछ लोगों को एक व्यक्ति के पीछे भागते देखा. मुझे नहीं पता था कि वे कौन थे क्योंकि बाहर अंधेरा था. वे उसे गालियाँ दे रहे थे और डर के कारण व देर रात होने की वजह से मैंने अपना दरवाज़ा बंद कर लिया."

उन्होंने बताया कि सिंह पिछले नौ सालों से उस इलाके में रह रहे थे.

नाम न छापने की शर्त पर पड़ोसी ने कहा, "वह बहुत विनम्र इंसान थे.  उन्होंने कभी ऊँची आवाज़ में बात तक नहीं की थी. वे लोग (सिंह का पीछा करने वाले पुरुष) इतना चिल्ला रहे थे कि तेज़ शोर सुनकर मुझे भी असुरक्षित महसूस हो रहा था."

उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पहले सिंह के घर जाकर उनके साथ मारपीट की और फिर बाहर खदेड़कर उन पर हमला कर दिया.

पुलिस ने बताया कि इस हमले में सिंह को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उनका बेटा, याइफाबा, उन्हें होली फैमिली अस्पताल ले गया. बाद में इलाज के दौरान सिंह की मौत हो गई.

सिंह के एक अन्य पड़ोसी ने कहा कि निवासी "इस बात से बेहद आहत और परेशान हैं कि तेज़ शोर और शराब पीने का विरोध करने पर एक और भारतीय भाई की हत्या कर दी गई."

स्थानीय निवासियों और दिल्ली में पूर्वोत्तर समुदाय के सदस्यों ने सिंह की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला.

दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी (एनईएसएसडीयू) ने सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें एक सम्मानित मणिपुरी संगीतकार बताया.

इम्फाल के गायक अखू चिंगंगबम ने सिंह को "उन सबसे बेहतरीन गिटारवादकों में से एक बताया जिनसे वे कभी मिले हैं".

पुलिस ने इस मामले के सिलसिले में सात पुरुषों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को पकड़ा है. आरोपियों की पहचान भारत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36) और मन्नू (26) के रूप में हुई है. पुलिस ने कहा कि वे सभी अलग-अलग ढाबों और खाने के स्टॉलों पर काम करते हैं.

सनलाइट कॉलोनी पुलिस स्टेशन को इस घटना के संबंध में एक पीसीआर कॉल मिली थी. पुलिस ने कहा कि शुरुआती जाँच से पता चला है कि सिंह ने अपने घर के बाहर उपद्रव कर रहे पुरुषों के समूह का विरोध किया था. इसके साथ ही पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि क्या इस अपराध के पीछे कोई नस्लीय (रेसिस्ट) मंशा थी.

Previous
Previous

‘हम न्याय चाहते हैं, बदला नहीं’: चोंगथम के परिवार की अपील

Next
Next

मध्य प्रदेश की जहरीली शराब त्रासदी : 20 रुपये के अंतर ने ली 22 जानें, 112 की हालत बिगड़ी