‘500 ग्राम वजनी चांदी की शिला दी थी, कभी रसीद नहीं मिली’: महंत बाल योगी रामदास ने ट्रस्ट पर साधा निशाना

अयोध्या स्थित करतालिया आश्रम के महंत (मुख्य पुजारी) बाल योगी रामदास ने 'द वायर' से बात करते हुए कहा, "मैंने कानपुर के एक भक्त से मिली 500 ग्राम वजनी चांदी की शिला, महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास को दी थी. हमें कभी इसकी रसीद नहीं मिली और न ही हमने कभी मांगी, हालांकि अखबारों ने इस खबर को छापा था. अब पूरे देश को 200 किलोग्राम चांदी के बारे में भी पता चल चुका है, इसलिए यह खेल काफी समय से चल रहा है."

बाल योगी रामदास, जिन्होंने अप्रैल 2024 में अयोध्या के करतालिया आश्रम के महंत के रूप में कार्यभार संभाला था, समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं. उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान सार्वजनिक रूप से सपा का समर्थन किया था.

विशेष जांच दल द्वारा की जा रही जांच पर महंत बाल योगी रामदास ने कहा, "हमने पहले भी केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों से मांग की है कि इस मामले में उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, क्योंकि यह देश के 140 करोड़ लोगों की आस्था का सवाल है."

उन्होंने आगे कहा, "केवल उन आठ लोगों को जेल भेजा गया है जो रबर बैंड लगा रहे थे, उसकी गिनती कर रहे थे और 10,000 से 20,000 रुपये के बीच वेतन पा रहे थे. ऐसे निचले स्तर के कर्मचारियों को निशाना बनाकर पूरी घटना पर लीपापोती करना काफी नहीं होगा.  

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