अब बद्रीनाथ धाम का दान जांच के दायरे में, कार्यालय कर्मी निलंबित

बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताओं के आरोपों के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष के कार्यालय के एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है.

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में ऐश्वर्या राज की रिपोर्ट के अनुसार, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक (पीए) प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. नौटियाल के खिलाफ अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद 3 जुलाई को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था.  जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट और नौटियाल द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण में कथित तौर पर आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया. उल्लेखनीय है कि यह मामला अयोध्या मंदिर में दान के कथित गबन के आरोपों के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है.

बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा, "निलंबित व्यक्ति तीन पूर्व अध्यक्षों के कार्यकाल के दौरान भी कर्मचारी रहा है. वर्तमान में, यह कार्रवाई इसलिए की गई है ताकि जांच के दौरान किसी भी तरह की छेड़छाड़ न हो सके. काउंटिंग सेंटर (दान की गिनती के केंद्र) में गड़बड़ी के स्तर का पता लगाने के लिए जांच जारी है, जहाँ उसे तैनात किया गया था."

उत्तराखंड सरकार ने विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जो मंदिर में प्राप्त होने वाले दान और चढ़ावे के संग्रह में हुई अनियमितताओं की जांच करेगी. इसे 15 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है.

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