प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाए जाने के बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश को हिरासत में लिया

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन स्थल से कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को जबरन हटाकर हिरासत में ले लिया.

राहुल गांधी ने कर्नाटक और केरल के मुख्यमंत्रियों सहित कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ मिलकर एक दिन पहले प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दोपहर करीब 3:30 बजे धरना शुरू किया था.  जैसे ही पुलिस प्रदर्शन स्थल पर पहुंची, लोकसभा में विपक्ष के नेता को जमीन पर लेटे हुए और सुरक्षाकर्मियों द्वारा उठाए जाने का विरोध करते देखा जा सकता था. 'पीटीआई' की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया में वे घायल हो गए. एक सहयोगी ने बताया कि उनकी आंख के नीचे चोट आई है.

पुलिस बस के चलने के बाद भी प्रियंका गांधी उसके दरवाजे से लटकी रहीं, जिससे वहां काफी नाटकीय दृश्य देखने को मिले. कांग्रेस शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में नीट मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रही है. वे प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए न्याय की मांग भी कर रहे हैं.

एक कड़े बयान में, पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह—जिन्होंने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन के साथ गांधी से मुलाकात की और उनसे धरना समाप्त करने का आग्रह किया था—ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता बहस की अपनी पुरानी मांग से "पीछे हट गए" हैं और कहा कि यह उनकी कद के नेता को शोभा नहीं देता. मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने "नियमों के अनुसार इस गंभीर मामले (नीट मुद्दे) पर औपचारिक चर्चा के लिए आज तक कोई नोटिस नहीं दिया है."

‘द हिंदू’ के अनुसार, कांग्रेस ने सरकार के सामने चार मांगें रखी हैं: (1) सदन में गृह मंत्री का वक्तव्य/बयान (2) पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में सुधार पर संसद में चर्चा (3) शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और (4) छात्रों से माफी.

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